कदौरा। क्षेत्र के 34 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को खुद ही इलाज की जरूरत है। प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्रों में बिजली और पानी तक का संकट है। कई उपकेंद्रों के भवन जर्जर हैं। सुविधाएं न होने से यहां तैनात स्टाफ आता ही नहीं है।
सीएचसी कदौरा के अंतर्गत 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इसमें नौ के भवन जर्जर हैं। 24 उपकेंद्रों की मरम्मत होनी है। ग्राम पंचायत बागी, छौंक, इटौरा गुरु और आटा के उपकेंद्रों पर बिजली पानी की व्यवस्था है। भेड़ी, बड़ागांव, चतेला, पथरेहटा, उसरगांव, भदरेखी, सुनेहटा, रैला में बिजली कनेक्शन नहीं है। यहां पानी की भी व्यवस्था नहीं है। उदनपुर, हरचंद्रपुर, बवीना, हांसा, पाली, मरगांया, रसूलपुर, बरही, गुलौली, कांशीरामपुर, परासन, चमारी, करमचंद्रपुर, लमसर और कुशमरा बावनी में पेयजल की व्यवस्था तो है लेकिन बिजली का कनेक्शन नहीं है। अधिकतर स्वास्थ्य उपकेंद्रों में चारदीवारी भी नहीं है।
भेड़ी के राघवेंद्र सिंह कहते हैं कि गांव से कदौरा की दूरी 12 किमी है। रास्ता खराब होने के कारण एंबुलेंस आदि भी समय से नहीं मिल पाती है। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बड़ागांव के भरत सिंह का कहना है कि उपकेंद्र सिर्फ नाम के लिए है। छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी कदौरा जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण एवं उनसे संबंधित जानकारी भी नहीं मिल पाती है।
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों को दुरुस्त कराने के लिए सीएमओ से बात करेंगे। चिकित्सा अधीक्षक अशोक कुमार का कहना है कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों की समस्याओं की जानकारी शासन को भेजी है।