इटावा के जसवंतनगर सीट से नामांकन दाखिल करने पहुंचे शिवपाल यादव
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव मंगलवार को इटावा की जसवंतनगर सीट से नामांकन भरने पहुंचे। उनके साथ भारी संख्या में लोग मौजूद थे। नामांकन करने के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उनका दर्द छलक उठा। बोले मैं 15 दिन पहले यह नहीं सोच रहा था कि समाजवादी पार्टी से मैं चुनाव लडूंगा। मुझे मेरे समर्थकों ने निर्दलीय चुनाव लडऩे के लिए बोला। शिवपाल यादव ने कहा कि आज जो लोग नेताजी मुलायम सिंह यादव की वजह से बहुत कुछ बने बैठे हैं। जिनकी हैसियत, ताकत और संपत्ति नेताजी की बदौलत है। उन्हीं लोगों ने नेताजी को अपमानित करने का काम किया है ।
उन्होंने अखिलेश यादव से कहा कि नेताजी ने सब कुछ तो तुम्हें दे दिया है। मेरा टिकट जसवंतनगर से काट दो, चाहे जिसे चुनाव लड़वा दो, प्रदेश अध्यक्ष पद भी ले लो परंतु नेताजी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना रहने दो। इसके बाद भी नेताजी को अपमानित किया गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि सपा में भितरघात करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनका नाम स्टार प्रचारकों की सूची से अलग करके राजनैतिक कद घटाने का षड्यंत्र किया गया। हमारे लोगों के टिकट काटे गए। जसवंतनगर में कमजोर करने के लिए इटावा से रघुराज सिंह शाक्य एवं भरथना (सुरक्षित) से सुखदेवी का टिकट काटा गया। खैर, अब मेरे पास आगे विकल्प है। आप 11 मार्च को सरकार बनाइए और मैं नई पार्टी बनाऊंगा।
इसके पहले भारी संख्या में समर्थकों के साथ नामांकन भरने पहुंचे शिवपाल यादव के काफिले में एक बार फिर सपा परिवार की जारी लड़ाई का सबूत मिला। काफिलें में लगे पोस्टर से अखिलेश यादव का नाम गायब रहा। इस पोस्टर में शिवपाल के संग मुलायम सिंह यादव तो नजर आए लेकिन अखिलेश का न तो नाम मिला न ही तस्वीर। पोस्टर पर प्रचार के लिए खास नारा दिया गया है... 'थामे मशाल फिर आए शिवपाल'
वहां मौजूद कई लोगों ने कहा इस नारे ने यूपी चुनाव के इतिहास में दबे पुराने नारों की यादें ताजा करा दी। नामांकन के बाद शिवपाल मीडिया से हुई बातचीत में कहा 19 तारीख तक वे अपने क्षेत्र में प्रचार करेंगे। इसके अलावा वे बोले 19 तारीख के बाद वे सपा, बसपा और कांग्रेस को छोड़कर कोई बुलाएंगे तो मैं प्रचार के लिए पुहंच जाउंगा। उनके इस बयान से इशारा अखिलेश की तरफ था।