डेरापुर में गिरा कच्चा घर दिखाते इदरीश अंसारी। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। दो दिन से हो रही बारिश की वजह से रसूलाबाद, डेरापुर, संदलपुर व शिवली क्षेत्र में कच्चे सात घर गिर गए। मलबे में दबकर पांच मवेशियों की मौत हो गई। वहीं दंपती समेत चार लोग घायल हुए हैं। कई गृहस्थी का सामान दबकर बर्बाद हो गया।
लगातार हो रही बारिश से अब कच्चे घरों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार रात डेरापुर कस्बे के प्रताप नगर में इदरीश अंसारी का कच्चा कमरा ढहने से पड़ोसी लल्लू की तीन बकरियों की मौत हो गई। मुंगीसापुर क्षेत्र के लडुवापुर में ज्ञानचंद्र अग्निहोत्री का कच्चा घर ढह गया।
मलबे में दबकर उनकी गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। रसूलाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी अनिल की कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर नजदीक बंधी दो पड़ियों मौत हो गई। बंदराहा निवासी जयप्रकाश का कच्चा घर भरभरा कर ढहने से गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया।
वहीं न्योराज गांव में कच्ची छत गिरने से मलबे की चपेट में आकर सुरेश चंद्र (80) व पुत्र कृष्ण मुरारी (40) घायल हो गए। दोनों को सीएचसी से हैलट रेफर कर दिया गया। सिंहपुर गांव निवासी राजकिशोर का कच्चा घर गिर गया। अब वह तिरपाल के नीचे गुजर कर रहा है।
संदलपुर के कसोलर गांव में कच्चे घर की छत ढहने से सत्य प्रकाश अवस्थी व उनकी पत्नी संतोषी घायल हो गए। गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसी प्रकार मैथा तहसील के सुनवर्षा गांव में कृष्ण कुमार, नरेश कुमार, रामबाबू व सकटू के कच्चे घर गिर गए। सभी घटनाओं में तहसील प्रशासन ने लेखपालों ने नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व साहब लाल ने बताया कि घर गिरी व पशुओं की मौत के मामले में नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।