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कानपुर की जेवीपीसी का पूजनकर सात कंपनियां राष्ट्र को हुई समर्पित, ग्लाइडर्स इंडिया की वेबसाइट हुई लांच

Fri, 15 Oct 2021 04:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

41 आयुध निर्माणियों को सात कंपिनयों में बदल दिया गया है। इसमें तीन कंपनियां शहर में स्थापित हैं। एक अक्टूबर से इन कंपनियों ने काम भी शुरू कर दिया है। 
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जेवीपीसी कारबाइन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर समेत देश भर की 41 आयुध निर्माणियों का विलय करके बनाई गई सात कंपनियों का आधिकारिक उद्घाटन विजयदश्मी पर प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने किया। कानपुर के लघु शस्त्र निर्माणी एसएएफ में बनी ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कारबाइन जेवीपीसी समेत अन्य रक्षा-उत्पादों का पूजन करके नई कंपनियां राष्ट्र को समर्पित की गई। ओपीएफ में आयोजित समारोह में ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड की वेबसाइट भी लांच की गई।
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जीटी रोड स्थित ट्रूप कंफर्ट के मुख्यालय में भी आयोजन किया गया। वहीं प्रतिरक्षा कर्मचारियों ने अपना बहिष्कार वापस ले लिया ओएफसी, ओपीएफ, ओईएफ, फील्ड गन फैक्ट्री में बड़ी-बड़ी स्कीन लगाई गई थी। दिल्ली के डीआरडीओ भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री ओर रक्षा राज्य मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सातों कंपनियां राष्ट्र को समर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंत्रोच्चार और शंख की ध्वनि के बीच शस्त्रों का पूजन किया।

हर कंपनी को बनन होगा वैश्विक ब्रांड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सातों कंपनियों को वैश्विक ब्रांड बनना होगा। इसके लिए इनोवेशन और अनुसंधान पर जोर देना होगा। वैश्विक सैन्य ताकत बनने में इन कंपनियों की महत्पूर्ण भूमिका है। सात नई कंपनियों की शुरुआत संकल्प यात्रा का आगाज है। आयुध निर्माणियों की आजादी के बाद ही अपग्रेडेशन करने की जरूरत थी। लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। विश्व युद्घ के दौरान इन निर्माणियों ने अपना होहा बनवाया था। लेकिन बाद में विदेशों पर निर्भर होता गया। अब इसे बदला जा रहा है।
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सरकार ने मेक इन इंडिया के तहत रक्षा क्षेत्र में बदलाव शुरू किया है। सरकार और निजी सेक्टर मिलकर काम करेंगे। यूपी और तमिलनाडु डिफेंस कॉरिडोर इसके उदाहरण हैं। पांच साल में डिफेंस एक्सपो सवा तीन सौ फीसदी बढ़ा है। सौ से ज्यादा उत्पादों के आयात बंद हो गए हैं। भविष्य की तकनीक पर काम करना है। निर्माणी के कर्मचारी-अफसर मिलकर कंपनियों को नई दिशा देंगे। सभी कंपनियों को सौ फीसदी आजादी दी गई है। स्टार्टअप, इनोवेशन से आगे बढेंगे।

2024 तक एक लाख 75 हजार करोड़ का उत्पादन लक्ष्य
 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुधार प्रक्रिया के तहत ही निर्माणियों को कंपनी बनाया गया है। कर्मचारियों के सभी हित सुरक्षित रहेंगे। सभी कर्मचारी दो साल तक प्रतिनियुक्ति पर रहेंगे। रक्षा क्षेत्र में सुधार तेजी से दिख रहा है। पहली बार रक्षा एक्सपोर्ट में नया कीर्तिमान बनाया। साल 2024 तक 1.75 लाख करोड़ उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

इसमें 35 हज़ार करोड़ का निर्यात भी शामिल किया गया। आयुध निर्माणी बोर्ड का स्वरूप बदल गया है। इनका दो सौ साल का इतिहास है। उत्पादन से अब मुनाफा कमाने वाली इकाई बनाई जाएंगी। इन्हें कंपनी बनाने का निर्णय हर पहलू को ध्यान में रखकर और तमाम रिपोर्टों के बाद किया गया है। सेनाओं ने क़्वालिटी और सप्लाई में देरी की चिंताओं को बताया था। इस लिए इनोवेशन, नई विकास क्षमता के लिए बदलने का फैसला लिया गया।

नई व्यवस्था से उत्पादों में सुधार होगा। निर्यात बढ़ेगा। नए-नए बाजार मिलेंगे। सेना पर निर्भरता कम करनी होगी। कर्मचारियों के कौशल में वृद्धि होगी। कर्मचारी फेडरेशन ने नौकरी को लेकर चिंता जाहिर की थी। उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कंपनियों के बाद काम की कमी नहीं होगी। 65 हजार करोड़ का उत्पादन लक्ष्य दिया गया है।
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