पं. पवन तिवारी ने बताया कि सोमवार के दिन पानी में काला तिल डालकर स्नान करें। फिर शिवलिंग की सफेद चंदन, सफेद फूल, पंचामृत, चावल, सुपारी, बेलपत्र आदि से पूजा करें।
संतान की प्राप्ति के लिए सावन में दूध में चंदन मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। यदि स्वयं की प्रगति चाहते हैं तो शिवलिंग के आगे बैठकर ऊं नम: शिवाय का जप करें। ये बातें ज्योतिषाचार्य पं. केए दुबे पद्मेश ने कही।
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उन्होंने कहा कि अर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग पूरे सावन भर गन्ने के रस से भगवान का अभिषेक करें, इससे उनकी समस्याएं दूर होंगी। यदि प्रदोष काल में स्नान कर भगवान की पूजा करते हैं तो सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
सूर्य उदय से 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद तक प्रदोष काल रहता है। पं. पवन तिवारी ने बताया कि सोमवार के दिन पानी में काला तिल डालकर स्नान करें। फिर शिवलिंग की सफेद चंदन, सफेद फूल, पंचामृत, चावल, सुपारी, बेलपत्र आदि से पूजा करें।
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पूजा के दौरान ऊं सो सोमाय नम: का जाप करें। शिव के मंत्र का जप रुद्राक्ष की माला से करें। पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रथम सोमवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र सौभाग्य योग में है। धनिष्ठा नक्षत्र मंगल का माना जाता है।
अगर इस नक्षत्र में पूजा की जाए तो वंश वृद्धि, संतान की प्राप्ति व अन्य मनोकामना पूर्ण होती है। राशि के अनुसार पूजा करने से सभी को लाभ मिलता है।
राशि अनुसार करें पूजा मेष: शिवलिंग पर लाल चंदन लगाएं और लाल पुष्प अर्पित करें। वृष: सफेद चंदन से पूजा करें और सफेद पुष्प अर्पित करें। मिथुन: शिव का पूजन रोली से करें, सफेद पुष्प, गन्ने का रस अर्पित करें। कर्क: कच्चे दूध में मिश्री या शहद मिलाकर अभिषेक करें। सिंह: शिव को पीला चंदन या रोली लगाएं, गुलाबी व लाल पुष्प अर्पित करें।
कन्या: जल में कपूर मिलाकर अभिषेक करें रोली लगाएं। तुला: कच्चे दूध, गंगा जल से अभिषेक कर सफेद पुष्प चढ़ाएं। वृश्चिक: दूध में घी, गुड़ मिलाकर अभिषेक करें, लाल पुष्प अर्पित करें। धनु: दूध में बादाम, केसर या गुड़ मिलाकर अभिषेक करें, पीले पुष्प अर्पित करें। मकर: गंगाजल में गुड़, मिश्री मिलाकर अभिषेक करें, नीले पुष्प अर्पित करें। कुंभ: गंगाजल में कच्चा दूध मिलाकर भगवान का अभिषेक करें, नीले पुष्प अर्पित करें। मीन: गन्ने के रस, फलों के रस या केसर युक्त दूध से अभिषेक करें, पीले पुष्प अर्पित करें।