सतीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित एक दूसरे प्रदेश में सुनियोजित ढंग से इस अफसर को पनाह दी गई है। ब्राह्मण और दलित वोटों का गणित समझाते हुए उन्होंने वर्ष 2007 के सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले के बदौलत मिली सत्ता का भी जिक्र किया।
हरदोई जिले में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा को वर्ष 2007 से भी बड़ी जीत हासिल होगी। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए बोले कि सरकार के चहेतों की गाड़ी नहीं पलटती।
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ब्राह्मणों और दलितों का उत्पीड़न लगातार किया जाता है। उन्होंने ब्राह्मणों और दलितों से संगठित रहकर इसका जवाब देने की बात कही। उन्होंने सपा और भाजपा को एक ही सिक्के का दो पहलू बताया। शहर के गांधी भवन में बसपा के बैनर तले आयोजित विचार गोष्ठी में बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में ब्राह्मणों और दलितों को चिह्नित कर निशाना बनाया जा रहा है।
लखनऊ के कमलेश तिवारी हत्याकांड से लेकर बिकरू कांड तक का जिक्र करते हुए कहा कि ब्राह्मणों की हत्या की जा रही है, जबकि सरकार के करीबी लोग जब विभिन्न मामलों में फंसते हैं, तो उन्हें साफ तौर पर बचाया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्नाव के एक तत्कालीन विधायक दुष्कर्म और हत्या के मामले में फंस गए, तो सरकार ने बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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भाजपा से जुड़े एक स्वामीजी को भी विभिन्न मामलों में राहत दे दी गई। महोबा में व्यापारी की हत्या में आईपीएस अफसर की अब तक गिरफ्तारी न होने का मामला उठाते हुए कहा कि बड़े बड़े दावे करने वाली सरकार एक आईपीएस अफसर को नहीं खोज पा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित एक दूसरे प्रदेश में सुनियोजित ढंग से इस अफसर को पनाह दी गई है। ब्राह्मण और दलित वोटों का गणित समझाते हुए उन्होंने वर्ष 2007 के सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले के बदौलत मिली सत्ता का भी जिक्र किया।
हाथरस कांड की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति के लोगों का भी जमकर उत्पीड़न किया। पंचायत चुनाव में हुई चीरहरण की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस भरोसे के साथ जनता ने भाजपा को सत्ता सौंपी थी, सरकार ने उसके विपरीत कार्य किया।
कार्यक्रम को पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने भी संबोधित किया। इस दौरान पूर्व एमएलसी डॉ. राम कुमार कुरील, जिलाध्यक्ष सुरेश चौधरी, कार्यक्रम संयोजक डॉ. राहुल तिवारी, बसपा के जिला उपाध्यक्ष मनीष अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।
अब पकौड़े तलने के लिए तेल खरीदना भी मुश्किल
बसपा सांसद ने कहा कि बेरोजगारों को रोजगार देने की बात कहकर भाजपा केंद्र और राज्य में सत्ता में आई थी। नौकरी देने वाले विभाग चाहे वह रेलवे हो या फिर बैंक, तेजी से निजीकरण किया जा रहा है। जब रोजगार की मांग युवा करते हैं तो भाजपा के लोग ठेला लगाकर पकौड़े तलने की सलाह युवाओं को दे देते हैं।
अब तो युवाओं को पकौड़े तलने के लायक भी नहीं छोड़ा गया, क्योंकि खाद्य तेल ही सौ रुपये प्रति लीटर से अधिक बिक रहा है। अयोध्या के श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा के लोग इसका श्रेय ले रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला सुनाया, तो कई भाजपाईयों के चेहरे पर हवाइयां उड़ गईं।
भाजपा को लगा कि राम के नाम पर इतने लंबे समय से राजनीति कर रहे थे, मंदिर बन गया, तो अब मुद्दा क्या होगा। इसके बाद इसे भी भुनाने की कोशिश हो रही और झोली लेकर मंदिर निर्माण के नाम पर एकत्रीकरण के लिए निकल गए। इससे पहले मंदिर निर्माण के नाम पर भाजपा और उसके अनुसांगिक संगठनों ने जो धन एकत्र किया था, उसका कोई पता नहीं। आरोप लगाया कि भाजपा ने राम के नाम पर भी लोगों को ठगा है।
बोले सतीश : हरदोई वाले डरते-दबते नहीं
पूरी विचार गोष्ठी के दौरान बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने शुरुआत में ही स्थानीय लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि हरदोई वाले किसी से डरते और दबते नहीं हैं। आतताइयों का अंत करने में हरदोई वाले आगे रहते हैं। पूरी उम्मीद है कि हरदोई के ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के लोग एकजुट होकर भाइचारे के साथ यहां से सहयोग करेंगे।
पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि हरदोई जनपद के भी एक विधायक ब्राह्मणों पर अत्याचार के लिए चर्चा में रहते हैं। हरदोई के लोगों को चाहिए कि एकजुट होकर उस विधायक को अगले विधानसभा चुनाव में जवाब दें।
कई चर्चित चेहरे आए विचार गोष्ठी में नजर
बसपा के बैनर तले आयोजित विचार गोष्ठी में ब्राह्मण समाज से जुड़े कई चर्चित लोग भी नजर आए। इनमें से कुछ ने खुलकर बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा का स्वागत किया और उनके समर्थन में नारेबाजी की। बार एसोसिएशन के एक जिम्मेदार मंच पर नजर आए, तो बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज से जुड़े अधिवक्ता भी कार्यक्रम में दिखे। खास बात यह है कि इनमें से कुछ भाजपा के अनुसांगिक संगठनों से भी जुड़े हुए हैं।