मामले की राज्यपाल से शिकायत के बाद छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के वाइस चांसलर स्तर से जांच कराई जा रही है। मालूम हो कि कानपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से कम मूल्यांकन की शिकायत की थी।
भूलवश अंक चार्ट में कम नंबर दर्ज हो गए
राज्यपाल ने कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक को जांच के निर्देश दिए। जांच शुरू हुई, तो कॉलेज प्रबंधन ने गलती मानी और सफाई देते हुए कहा था कि भूलवश अंक चार्ट में कम नंबर दर्ज हो गए थे। इसके बाद संशोधित अंक चार्ट जारी किया, तो गुरुवार को सभी 16 छात्रों को पास कर दिया गया।
कॉलेज में उगाही और उत्पीड़न की खुली पोल
मामले में कुलपति ने ईडी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) सौरभ कंवर को निलंबित करते हुए कॉलेज कैंपस खाली करने का निर्देश दिया गया। शनिवार को जांच शुरू हुई, तो एमबीबीएस की छात्रा निधि झा, यश कुमार, सुधांशु, शीतल, दिव्या श्रीवास्तव, वीरेंद्र, श्रीश कुमार, कोमल सहित कई छात्रों ने मेडिकल कॉलेज में उगाही और उत्पीड़न की पोल खोलते हुए पीड़ित 150 छात्रों की सूची जांच अधिकारियों को दे चुके हैं।
छात्रों ने जो शिकायत की है, उस पर जांच की जा रही है। हम नहीं कह रहे कि छात्रों के आरोप गलत हैं। प्रवेश पत्र रोकने, हाजिरी कम करने, लेट फीस पर फाइन कैश में लेने और उसकी रसीद न किए जाने सहित सभी आरोपों की जांच कराई जा रही है। पूरा प्रयास होगा कि भविष्य में कभी इस तरह की गड़बड़ी न हो। -आरएन श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज