कानपुर में मौसेरे भाइयों को जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पिटाई का बदला लेने के लिए मौसेरे भाइयों को जिंदा जलाकर हत्या की थी। पुलिस ने मौसेरे भाइयों को जिंदा जलाने वाले आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कानपुर के सेन पश्चिम पारा के कसिगवां गांव में मौसेरे भाइयों को जिंदा जलाने के मामले में रविवार को पुलिस ने पर्दाफाश किया। हत्यारोपी मृतक के ताऊ के बेटे विनोद ने ही अपने पिता की पिटाई का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। दो माह से साजिश रच रहे थे। पुलिस ने हत्यारोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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कसिगवां गांव निवासी सुनील (22) व उसके मौसेरे भाई राज (20) की 19 मार्च की देर रात जिंदा जलने से मौत हो गई थी। परिजनों ने अनिल के ताऊ बदलू , उसके बेटे विनोद व राज के पड़ोसी कल्याण पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बुधवार सुबह विनोद व कल्याण को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद बदलू को भी हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान बदलू व विनोद के हाथ व चेहरे पर हल्के जलने के निशान मिलने। इस पर शक और गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर विनोद व बदलू ने अपना अपराध कबूल कर लिया।
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रविवार को डीसीपी साउथ रविंद्र कुमार ने अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि सुनील करीब छह साल पूर्व अपने पैतृक मकान में रहने आया था। संपत्ति का बंटवारा होने के बाद भी आए दिन विवाद करता रहता था। बीते जनवरी माह में बदलू खेतों में काम कर रहा था।
इस बीच सुनील ने राज के साथ मिलकर उसे पीटा था। इसके बाद से बदलू के बेटे विनोद ने उनसे बदला लेने की साजिश रचनी शुरू कर दी थी। 19 मार्च को अनिल अपने बाथरूम में लिंटर डलवा रहा था। इस बीच उसने राज को भी वहीं बुला लिया। इसके चलते एक साथ दोनों की हत्या करना आसान हो गया
भागने पर फेंक दी पेट्रोल से भरी पॉलिथीन
हत्यारोपियों ने पेट्रोल की एक-एक लीटर की पॉलिथीन भी भर रखी थीं। हत्यारोपियों ने बताया कि दोनों युवकों पर सोते समय ही पेट्रोल पूरा पेट्रोल से भिगो दिया। जैसे ही आग लगाई, वैसे ही दोनों युवकों ने उछल कर भागने का प्रयास किया तो दोनों पर पेट्रोल से भरी पॉलिथीन फेंककर मार दी। इसके बाद आग ने और विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में दोनों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।
चरित्रहीन साबित करने के लिए रखी थी आपत्तिजनक वस्तु
हत्यारोपियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी। हत्या करने के पहले उनको चरित्रहीन साबित करने के लिए कमरे में शराब की बोतल और आपत्तिजनक वस्तुएं रखीं।
वारदात को अंजाम देने के बाद किसी को शक न हो इसके लिए खुद भी ग्रामीणों के साथ आग बुझाने पहुंचे। अगले दिन विनोद पोस्टमार्टम हाउस व अंतिम संस्कार में भी पहुंचा। बदलू ने पुलिस को बताया कि गांव से भागने पर पुलिस को शक हो जाता। इसके चलते वहीं रहा।