कानपुर। चकेरी थानाक्षेत्र के संजीवनगर में 11 वर्षीय छात्रा ने मंगलवार सुबह घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले रास्ते में एक युवती को मकान की छत से सड़क पर गिरते देखने के बाद से वह परेशान रहने लगी थी। पढ़ाई में तेज संजोली ने स्कूल जाना छोड़ दिया था और गुमसुम रहती थी। कहती थी कि कोई उसे बुला रहा है। परिजन ने इलाज के साथ झाड़फूंक कराई, ननिहाल भेजा, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
संजीवनगर निवासी देव सिंह फतेहपुर के चौडगरा में सरकारी शिक्षक हैं। उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी गृहिणी हैं। बड़ा बेटा सचिन उरई में रहकर पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा संगम पहली कक्षा में पढ़ता है। देव सिंह के मुताबिक, तीसरे नंबर की बेटी संजोली (11) ने करीब 20 दिन पहले स्कूल से लौटते समय एक मकान की छत से युवती को सड़क पर गिरते देखा था। बताया जा रहा है कि युवती ने छत से कूदकर खुदकुशी की थी। इसके बाद संजोली का व्यवहार बदल गया। परिजन ने उसे कांशीराम अस्पताल समेत कई चिकित्सकों को दिखाया और झाड़फूंक भी कराई। इसके बाद भीतरगांव स्थित मामा के घर भेज दिया। करीब 10 दिन वहां रहने के बाद वह दो-तीन दिन पहले ही मामा के साथ लौटी थी।
मंगलवार सुबह संजोली ने मां के साथ खाना बनाया। इसके बाद पिता ड्यूटी चले गए और मां छोटे बेटे को स्कूल छोड़ने गईं। इसी दौरान घर में अकेली संजोली ने साड़ी का फंदा लगाकर जान दे दी। चकेरी इंस्पेक्टर अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजन नाबालिग का इलाज करा रहे थे। उसे मानसिक रूप से बीमार बताया गया है। मामले की जांच की जा रही है।