मिट्टी के संरक्षण के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। मिट्टी सेहतमंद होगी तो ही हमारा स्वास्थ्य बेहतर होगा। रासायनिक उर्वरकों से उगाई जा रहीं फसलें बीमारियों को जन्म दे रही हैं। ये बातें ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने आईआईटी के छात्रों से कहीं।
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अपनी मोटरसाइकिल से आईआईटी पहुंचे सद्गुरु ने यहां पर सेव स्वॉइल अभियान के तहत मिट्टी बचाओ का नारा दिया। उन्होेंने कहा कि मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़े। मिट्टी में करोड़ों जीवाणु रहते हैं, उनको बचाना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत अच्छी होगी तो फसल की पैदावार भी अच्छी होगी। इससे हमें गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिल सकेगा। आईआईटी के प्रोफेसर जयंत कुमार सिंह ने उन्हें 90 सेकेंड में मिट्टी की सेहत जांचने के लिए विकसित किए गए ‘भू परीक्षक’ उपकरण की जानकारी दी। इस उपकरण की मदद से मिट्टी में मौजूद कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम आदि तत्वों की उपस्थिति का पता चल जाता है। सद्गुरु जग्गी ने कहा कि हर किसान को इस तकनीक की मदद से अपनी मिट्टी की गुणवत्ता परखनी चाहिए। किसान जैविक और प्राकृतिक उर्वरकों का प्रयोग करें। इस मौके पर मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर मौजूद रहे।