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Russia Ukraine war: रूस-यूक्रेन युद्ध ने रोका कानपुर का कारोबार, ऑर्डर जहां के तहां होल्ड कराए

Fri, 25 Feb 2022 12:12 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

युद्ध शुरू होने के साथ ही गुरुवार को शेयर बाजार में भी भूचाल आ गया। निफ्टी करीब 782 अंक नीचे गिर गया। इसी तरह सेंसेक्स 2561.42 अंक गिर गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग से कानपुर के कारोबारियों की समस्याएं बढ़ गई हैं। रूस व यूक्रेन समेत कई देशों को अरबों रुपये का चमड़ा उत्पाद, मशीनरी, कृषि उपकरणों का शहर से निर्यात होता है। अकेले शहर से 400 करोड़ के चमड़ा उत्पादों का निर्यात होता है।
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युद्ध छिड़ने के बाद शहर के निर्यातकों ने अरबों रुपये के निर्यात आर्डर रोक दिए हैं। देश के अलग-अलग पोर्ट पर आर्डर होल्ड कर दिए गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि युद्ध आगे बढ़ता है तो केंद्र सरकार से रूसी और भारतीय मुद्रा एक्सचेंज के लिए व्यवस्था की मांग की जाएगी।

शेयर मार्केट में भी भूचाल, शहर के निवेशकों के सात हजार करोड़ डूबे
युद्ध शुरू होने के साथ ही गुरुवार को शेयर बाजार में भी भूचाल आ गया। निफ्टी करीब 782 अंक नीचे गिर गया। इसी तरह सेंसेक्स 2561.42 अंक गिर गया। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान कानपुर चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष और निवेश मामलों के जानकार अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि अकेले शहर में ही करीब 50 हजार से ज्यादा निवेशकों के सात हजार करोड़ रुपये डूब गए।
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इसी तरह शहर की कंपनियों के भी शेयरों में गिरावट देखने को मिली। 17 फरवरी से अब तक माइनस 1.63 फीसदी से लेकर माइनस 26.35 फीसदी का अंतर देखने को मिल रहा है। कानपुर प्लास्टीपैक का शेयर जो 148 रुपये था, उसकी कीमत अब 109 रुपये हो गई है। इसी तरह मिर्जा इंटरनेशनल, सुपरहाउस, सुपर टेनरी के शेयर के भाव में भी कमी देखने को मिल रही है।

महंगाई भी बढ़ सकती है 
जानकारों का कहना है कि युद्ध शुरू होने के साथ की क्रूड ऑयल के दाम गुरुवार को 105 डॉलर प्रति बैरल के पर पहुंच गए। ऐसे में आने वाले समय में डीजल-पेट्रोल के दाम में तेजी देखने को मिल सकती है। पिछले साल तीन नवंबर को दिवाली के दौरान केंद्र सरकार ने डीजल-पेट्रोल के भाव में 12-12 रुपये की राहत दी थी। इसके बाद से पेट्रोल के दाम 95 रुपये के करीब चल रहे हैं। तेल कंपनियों को आर्थिक भार से बचाने के लिए सरकार फिर से दी गई राहत में कटौती कर सकती है। डीजल-पेट्रोल के दाम होली के आसपास बढ़ने पर महंगाई बढ़ सकती है। 

इन उत्पादों की होती है सप्लाई
यूक्रेन, रूस में अधिक ठंड पड़ती है। इस वजह से शहर से बड़े पैमाने पर लेदर गारमेंट जैसे लांग कोट, जूते, जैकेट, ग्लब्स, कैप, लांग बूट यहां से निर्यात होता है। इसके अलावा मशीनरी और कृषि उपकरणों की सप्लाई भी होती है। हालांकि विदेशी खरीदारोें ने आर्डर निरस्त नहीं किए हैं। लेकिन युद्ध के कारण आर्डर फंस सकते हैं, इस वजह से कारोबारियों ने आर्डर होल्ड करा दिए हैं। मौजूदा हालातों का असर आने वाले एक सप्ताह में देखने को मिलेगा।

 
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बातचीत 
युद्ध शुरू होने के साथ ही शहर के निर्यातकों ने इन देशों को जाने वाले निर्यात आर्डर पोर्ट पर ही रोक दिए हैं। इन दोनों देशों को बड़े पैमाने पर शहर से चमड़ा, मशीनरी, कृषि उपकरण जाते हैं। इसके अलावा यू्क्रेन से चमड़ा का आयात किया जाता है। - आलोक श्रीवास्तव, संयोजक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन

परिषद पूरे हालात पर नजर रख रहा है। युद्ध बढ़ता है तो सरकार से रूबल और रुपये एक्सचेंज बैंक के माध्यम से करवाने का प्रस्ताव किया जाएगा। ताकि पेमेंट भुगतान पर असर न हो। इससे पहले ईरान और ईराक में युद्ध की स्थिति होने पर सरकार ने यूको और इंडियन ओवरसीज बैंकों के साथ पेमेंट भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराई थी।- आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

2019-20 में कानपुर समेत देशभर से रूस को 380.2 करोड़ का निर्यात किया गया था। 2020-21 में यह 278.5 करोड़ रहा है। कोरोना के बाद से रूस के साथ निर्यात बढ़ा है। इसी तरह यू्क्रेन के साथ 2020-21 में 20.28 करोड़ और 2021-22 में (अप्रैल से दिसंबर) तक 14.11 करोड़ का निर्यात किया जा चुका है। कोरोना के बाद से शहर के चमड़ा उद्योग का कारोबार बढ़ा है।- जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

कच्चा तेल के दाम बढ़ने से आने वाले समय में डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ सकते हैं। ऐसे में माल भाड़ा बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। भाड़ा बढ़ने के साथ ही जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। सरकार से हमेशा मांग रही है कि डीजल-पेट्रोल के दाम एक निश्चित समय के लिए तय हों ताकि ट्रांसपोर्टरों का अस्तित्व बचा रहे।- मनीष कटारिया, अध्यक्ष, यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन

गुरुवार का दिन क्रिप्टोकरेंसी के लिए काला दिन जैसा रहा। बिटक्वाइन 9.5 फीसदी गिरकर 35000 डॉलर पर आ गया। इथेरियम 13.5 फीसदी गिरकर 2350 डॉलर पर आ गया। मौजूूदा समय में लांग टर्म के साथ निवेश करें। बाजार में बिकवाली हावी है। इससे बाजार गिरा है। यह वक्त है निवेशकों के लिए निवेश करने का। रूस-यूक्रेन संकट खत्म होने के बाद क्रिप्टो बाजार फिर से बढ़ेगा।- मयंक अवस्थी, क्रिप्टोकरेंसी विशेषज्ञ

वैश्विक बाजारों में प्रमुख बिकवाली में शामिल होने के साथ घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्रों में रूसी सैन्य अभियानों के परिणामस्वरूप बड़ी क्षति हुई। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में निवेशकों को 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। कच्चे तेल की कीमत सात साल के उच्च स्तर 105 डॉलर पर पहुंच गई। रूस दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है।- किशोर वकील, शेयर मार्केट एक्सपर्ट
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