कानपुर वासियों की सहायता के लिए जिला मुख्यालय में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। पुलिस विभाग ने कंट्रोल रूम बनाया है। लैंडलाइन टेलीफोन नंबर के साथ मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर भी जारी किए गए हैं।
यूक्रेन में फंसे कानपुर वासियों की सहायता के लिए जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। पहले दिन चार लोगों ने यूक्रेन में फंसे अपने बच्चों को वापस लाने की गुहार लगाई है। इसमें तीन युवतियां हैं। पुलिस विभाग की तरफ से भी कंट्रोल रूम बनाया गया है। इन दोनों के लिए टेलीफोन और मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। यहां पर रोटेशन में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। लैंडलाइन टेलीफोन नंबर के साथ मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर भी जारी किए गए हैं। यहां जो भी जानकारियां आएंगी, उन्हें तत्काल शासन स्तर पर बनाई गई सहायता टीम को भेजा जाएगा। पहले दिन गुजैनी के दिलीप सचान ने बताया कि उनकी बेटी दिव्यांशी सचान मेडिकल की पढ़ाई करने गई है। घर आने के लिए परेशान है। उसका वहां पर पहला वर्ष ही है।
इसी तरह चकेरी गांधी ग्राम के शिशुपाल सिंह पटेल ने बताया कि उनकी बेटी दिव्यानी पटेल यूक्रेन में है, वहां से आना चाह रही है लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई है। बसंत विहार नौबस्ता के कमलेश तिवारी ने बताया कि उनकी पुत्री गरिमा तिवारी और अमन कटियार ने बताया है कि उनका पुत्र अर्पित कटियार भी वहां फंसे हैं।
विज्ञापन
यूक्रेन में फंसे बच्चों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम के नंबर