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चित्रकूट: संघ की बैठक का मसौदा बाहर नहीं आया, यूपी के चुनाव और तीसरी लहर पर रहा फोकस, कृषि पर भी दिया गया जोर

Wed, 14 Jul 2021 10:11 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

बैठक के अंतिम दिन मंगलवार की शाम तक संघ की ओर से कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई। माना जा रहा कि मंथन के बाद तय मसौदों पर ही संघ आगे काम करेगा।
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चित्रकूट में आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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संघ की पांच दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन बैठक में तय किए गए मसौदों को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, माना जा रहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचने और बचाने व यूपी समेत पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव में फतह दिलाने की रणनीति पर संघ काम करेगा।
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छह से 13 जुलाई तक चली राष्ट्रीय चिंतन बैठक में संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत ने चित्रकूट में मंथन किया। राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ व वर्चुअल/ऑनलाइन छोटे-बड़े 15 सत्रों में बैठक की गईं। सभी की राय, परेशानियां और उपाय जाने गए।

आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा भी तय की गईं। बैठक के अंतिम दिन मंगलवार की शाम तक संघ की ओर से कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई। माना जा रहा कि मंथन के बाद तय मसौदों पर ही संघ आगे काम करेगा।
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उधर, बैठक में किसानों संग समन्वय बनाने और कृषि की उपज बढ़ाने को परंपरागत कृषि के साथ आधुनिक खेती केे लिए किसानों को प्रेरित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों के भविष्य को बेहतर बनाने को संघ कार्य करेगा। किसानों के साथ मिल बैठकर रणनीति बनाई जाएगी।

कम लागत में कृषि उपज होने, अच्छी पैदावार व उसका मूल्य बाजार में अच्छा मिले इसके लिए कृषि संसाधन बढ़ाने पर विचार किया गया। खेती किसानी के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इसके लिए जल संरक्षण और खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए नए संसाधन पर विचार किया गया।

पर्यावरण भी प्रमुख मुद्दा रहा
संघ की बैठक में पर्यावरण भी प्रमुख मुद्दा रहा। जलवायु शुद्ध करने नदियों को स्वच्छ करने का निर्णय लिया गया। पौधरोपण, नदियों, तालाबों में सफाई करने के साथ जागरुकता करने पर बल दिया गया। कहा गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण बीमारी फैल रही है। अधिक बारिश तो कहीं कम बारिश होती है, जिससे समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसके शुद्धता के लिए मिलकर कार्य करना होगा।

 
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संघ का संभावित मसौदा
1-कोरोना की तीसरी लहर से बचने और बचाने का काम संघ कार्यकर्ता गांवों में करेंगे, जिससे केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार की छवि बन सके। कोरोना के कारण बंद अनुषंगिक संगठनों को पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा।
2-संघ की शाखाओं को संचालित कर ग्रामीण व खासकर मुस्लिम बस्तियों के पास नई शाखाओं का संचालन कराकर युवाओं को जोड़ा जाएगा। 
3-गांव में किसान युवाओं की टोली तैयार कर संघ के कामों का विस्तार कराना। किसानों से लगातार संपर्क करना।
4-हिंदुत्व एजेंडे में बदलाव न कर मुस्लिमों से समन्वय स्थापित कर संघ से जोड़ने का प्रयास।
5-अगले वर्ष 5 राज्यों में चुनाव में भाजपा की सरकार बनवाने में सहयोगी भूमिका निभाने की तैयारी।
6-धर्मांतरण, समान नागरिक संहिता कानून, जनसंख्या नीति और अयोध्या मंदिर मुद्दे पर नियमित गंभीरता से काम करना।
7-बंगाल की तर्ज पर संघ कई राज्यों में अपने छोटे-छोटे प्रांत बनाकर संगठन को मजबूत करेगा। यह भी माना गया कि छोटे राज्यों की अवधारणा से विकास काम में मदद मिलती है। ऐसे में कयास  है कि यूपी में बुंदेलखंड राज्य व पूर्वांचल राज्य बनाने में संघ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराएगा।
8-साधु-संतों के साथ मिलकर हिंदुत्व को बढ़ावा देना और अयोध्या, चित्रकूट समेत अन्य धार्मिक स्थलों का विकास कराने के लिए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना।
9-आदिवासियों की समस्याओं का निराकरण कराने को क्षेत्र में जाकर काम करना।
10-देश की सीमाओं को मजबूत करने के लिए संघ की नीतियों को अमल करने के लिए सरकार से तालमेल बनाना। 
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