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शिवम इन्क्लेव में डकैती: पुलिस की पूछताछ से त्रस्त गार्ड ने हाथों की नसें काटीं, खून से लिखा...सत्यमेव जयते

Sat, 25 Sep 2021 05:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

वारदात के बाद कई बार वीरेंद्र से पूछताछ की गई। इसके अलावा एक होमगार्ड की तैनाती उनकी निगरानी के लिए की गई थी। जिससे वह दबाव महसूस कर रहे थे। घटना के वक्त अपार्टमेंट में होमगार्ड जॉनसन कैली तैनात था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर के गोविंद नगर में पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर शिवम इन्क्लेव अपार्टमेंट के गार्ड ने गुरुवार को खुदकुशी करने के लिए दोनों हाथों की नसें काट लीं। गार्ड ने अपार्टमेंट के बाथरूम में दीवार पर खून से सत्यमेव जयते लिखा।
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सूचना मिलते ही पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और गार्ड को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। डकैती की वारदात के संबंध में पुलिस गार्ड से लगातार पूछताछ कर रही है। शिवम इन्क्लेव में 16 सितंबर की रात आशा गुप्ता के फ्लैट में 14 लाख की डकैती पड़ी थी।

अपार्टमेंट में घुसते ही बदमाशों ने वहां तैनात 70 वर्षीय गार्ड वीरेंद्र कुमार को बंधक बना लिया था। जब तक डकैती डाली गई थी तब तक एक बदमाश गार्ड को गन प्वाइंट पर रखे हुआ था। उसके बाद वह सभी फरार हो गए थे। संदिग्धता के आधार पर पुलिस दर्जनों लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
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पुलिस के शक के दायरे में वीरेंद्र भी हैं। लिहाजा पुलिस उनसे बार-बार पूछताछ कर रही है। उनके परिजनों से भी पूछताछ की। गुरुवार को वीरेंद्र कुमार अपार्टमेंट में स्थित बाथरूम में गए और वहीं पर ब्लेड से दोनों हाथों की नसें काट लीं।

जब वहां तैनात होमगार्ड ने यह देखा तो तत्काल अफसरों को सूचना दी। जिसके बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिस तरह से वीरेंद्र ने खून से सत्य मेव जयते लिखा है, उससे ऐसा लग रहा है कि पुलिस उन पर आरोप मढ़ रही थी। दरअसल, वीरेंद्र का बेटा लूट की वारदात में जेल जा चुका है। इसलिए पुलिस को इस पर अधिक शक है। 

24 घंटे की निगरानी से दबाव में थे वीरेंद्र
वारदात के बाद कई बार वीरेंद्र से पूछताछ की गई। इसके अलावा एक होमगार्ड की तैनाती उनकी निगरानी के लिए की गई थी। जिससे वह दबाव महसूस कर रहे थे। घटना के वक्त अपार्टमेंट में होमगार्ड जॉनसन कैली तैनात था। उसके मुताबिक दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वीरेंद्र बाथरूम में गए थे।

पांच से छह मिनट बाद कैली ने जब दरवाजा खटखटाया तो वीरेंद्र ने कहा कि वह निकल रहे हैं। करीब 25 मिनट बाद भी जब वीरेंद्र नहीं निकले और कोई जवाब नहीं दिया तो होमगार्ड ने फ्लैट में रहने वाले एक शख्स को बुलाया और बाथरूम का दरवाजा तोड़ा। अंदर वीरेंद्र खून से लथपथ पड़े थे।
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पूछताछ से मैं परेशान था
वीरेंद्र कुमार का कहना है कि घटना के सिलसिले में लगातार पूछताछ उनसे की जा रही है। पुलिस की पूछताछ से वह परेशान हो गए। वह दहशत में थे। सामाजिक रूप से भी अपमान हो रहा है। इसलिए खुदकुशी करने का प्रयास किया। जिस वक्त वीरेंद्र ने हाथों की नसें काटीं उस दौरान भी सादे कपड़ों में चार पुलिसकर्मी अपार्टमेंट के कुछ लोगों से पूछताछ कर रहे थे। 

पूछताछ के चलते सामाजिक दबाव महसूस होने पर वीरेंद्र ने खुदकुशी का प्रयास किया। पुलिस की ओर से टॉर्चर करने की बात सामने नहीं आई है। जांच जारी है। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।-  रवीना त्यागी, डीसीपी साउथ

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