पुलिस के शक के दायरे में वीरेंद्र भी हैं। लिहाजा पुलिस उनसे बार-बार पूछताछ कर रही है। उनके परिजनों से भी पूछताछ की। गुरुवार को वीरेंद्र कुमार अपार्टमेंट में स्थित बाथरूम में गए और वहीं पर ब्लेड से दोनों हाथों की नसें काट लीं।
जब वहां तैनात होमगार्ड ने यह देखा तो तत्काल अफसरों को सूचना दी। जिसके बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिस तरह से वीरेंद्र ने खून से सत्य मेव जयते लिखा है, उससे ऐसा लग रहा है कि पुलिस उन पर आरोप मढ़ रही थी। दरअसल, वीरेंद्र का बेटा लूट की वारदात में जेल जा चुका है। इसलिए पुलिस को इस पर अधिक शक है।
पूछताछ से मैं परेशान था
वीरेंद्र कुमार का कहना है कि घटना के सिलसिले में लगातार पूछताछ उनसे की जा रही है। पुलिस की पूछताछ से वह परेशान हो गए। वह दहशत में थे। सामाजिक रूप से भी अपमान हो रहा है। इसलिए खुदकुशी करने का प्रयास किया। जिस वक्त वीरेंद्र ने हाथों की नसें काटीं उस दौरान भी सादे कपड़ों में चार पुलिसकर्मी अपार्टमेंट के कुछ लोगों से पूछताछ कर रहे थे।
पूछताछ के चलते सामाजिक दबाव महसूस होने पर वीरेंद्र ने खुदकुशी का प्रयास किया। पुलिस की ओर से टॉर्चर करने की बात सामने नहीं आई है। जांच जारी है। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- रवीना त्यागी, डीसीपी साउथ