घटना की जानकारी देतीं आशा गुप्ता
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कानपुर के गोविंदनगर स्थित शिवम इन्क्लेव अपार्टमेंट में आशा देवी के यहां पड़ी डकैती के मामले में पुलिस ने 30 संदिग्धों की शिनाख्त परेड कराई, लेकिन पीड़िता ने किसी को भी पहचानने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि मास्क के चलते वह किसी का चेहरा नहीं देख पाई थीं।
गोविंदनगर स्थित शिवम इन्क्लेव में 16 सितंबर की रात की फ्लैट में 14 लाख की डकैती पड़ी थी। अपार्टमेंट में घुसते ही बदमाशों ने 70 वर्षीय औरैया निवासी गार्ड वीरेंद्र सिंह को बंधक बना लिया था। इसके बाद बदमाशों ने पहली मंजिल पर 75 वर्षीय आशा गुप्ता के फ्लैट में डकैती डाली थी।
घटना के खुलासे को लेकर वापस फ्लैट में पहुंची आशा गुप्ता से पुलिस ने संपर्क किया। पुलिस ने सबसे पहले उन्हें मोबाइल फोन के जरिए संदिग्धों की फोटोज दिखाई। इसके बाद एक-एक कर सभी संदिग्धों को उनके सामने पेश किया, लेकिन वह किसी को भी पहचान नहीं सकी। आशा देवी ने बताया कि जो बदमाश उनके घर में घुसे थे उन्होंने नाक तक मास्क पहन रखा था।
जिससे उनकी सिर्फ आंखें और बाल ही दिख रहे थे। उनका कहना था कि वारदात केवक्त दो बदमाश उनके सामने थे, बाकी पीछे लूटपाट कर रहे थे। इसके अलावा कमरे में रोशनी भी कम थी। जिसके चलते वह बदमाशों को सही से देख नहीं पाई। उनका कहना था कि गार्ड वीरेंद्र ही बदमाशों को पहचान सकता है।
रिटायर्ड सैनिक के खाते से 26 हजार रुपये उड़ाए
सरसौल। साइबर ठगों ने महाराजपुर नंबरखेड़ा निवासी रिटायर्ड सैनिक राघवेन्द्र सिंह के पेंशन खाते से 26 हजार रुपय पार कर दिए। एसबीआई में उनका खाता है। जुलाई व अगस्त माह में दो तीन बार में लगभग 26 हजार रुपये निकल गए। मैसेज आने पर उन्हें इसकी जानकारी हुई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।