कानपुर देहात। रूरा में रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण में बाधा बने सड़क किनारे संरक्षित वन क्षेत्र में लगे 18 पेड़ काटने की पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने सैद्धांतिक सहमति दी है। अगले सप्ताह अंतिम अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद वन निगम पेड़ों की कटान कराएगा। इसके बाद आरओबी निर्माण में तेजी आएगी।
रूरा में आरओबी का निर्माण 35.65 करोड़ में होना है। जनवरी 2020 में इसकी अनुमति मिली थी। इसके बाद सेतु निगम ने काम शुरू कराया। अब तक शासन की ओर से सेतु निगम को करीब 15 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। बीते वर्ष शुरू हुए पुल के निर्माण के बस स्टाप चौराहा के पास अकबरपुर रोड पर सड़क किनारे लगे 18 पेड़ों को काटने की जरूरत सेतु निगम ने बताई थी।
हालांकि भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से संरक्षित वन क्षेत्र में लगे पेड़ काटने की अनुमति से इनकार कर दिया था। इसके बाद सेतु निगम की ओर से क्षतिपूर्ति धनराशि देने की रजामंदी दी गई। करीब 0.7 हेक्टेयर वन आच्छादित क्षेत्र प्रभावित होगा। सेतु निगम ने 8.1534 लाख रुपये पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को दिए गए हैं। इसमें 5,62100 रुपये प्रभावित भूमि के लिए और 2,53240 रुपये पौधे लगाने के लिए दिए गए हैं।
राज्य सरकार की ओर से दिए गए जवाब के बाद अब पेड़ों को काटने की सैद्धांतिक सहमति पर्यावरण वन मंत्रालय ने दी है। उप प्रभागीय वनाधिकारी अशोक चंद्रा ने बताया कि पेड़ काटने की अंतिम अनुमति लखनऊ के एकीकृत केंद्रीय कार्यालय से दी जानी है।
प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय स्तर से समस्त कार्रवाई पूरी कर ली गई है। जल्द ही अंतिम अनुमति मिलने की उम्मीद है। अंतिम अनुमति मिलने पर चिह्नित पेड़ों पर नंबर दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद वन निगम पेड़ कटवाएगा।
बदले में सरगांव बुजर्ग वन ब्लॉक में लगेंगे पौधे
कानपुर देहात। रूरा में आरओबी निर्माण में बाधा बने 18 पेड़ काटने के एवज में मिली धनराशि से डेरापुर वन रेंज के सरगांव बुजुर्ग वन ब्लॉक में हरियाली बढ़ाई जाएगी। 1.4 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 1650 पौधे लगाए जाएंगे। डिप्टी वन रेंजर अमित कुमार ने बताया कि रूरा में पेड़ कटान से प्रभावित हरियाली क्षेत्र का दोगुना हरियाली क्षेत्र कवर करने का नियम है। इसको लेकर सरगांव बुजुर्ग वन ब्लॉक (बीहड़) को पौधे लगाने के लिए चुना गया है।