दबौली निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक को पांच दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर शातिरों ने 25 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने गोविंदनगर थाने और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दबौली निवासी राघव राम यादव वर्ष 2013 में गोविंदनगर स्थित खालसा इंटर कालेज से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार में पत्नी ऊषा मानसिक बीमार हैं। बड़ा बेटा अमित भोपाल में असिस्टेंट लाइब्रेरियन व छोटा बेटा रवि नोएडा में साफ्टवेयर इंजीनियर है जबकि बेटी अल्का शादीशुदा है।
राघव राम ने बताया कि 10 अप्रैल की शाम अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसपी बताते हुए कहा कि जम्मू में पकड़े गए आतंकवादियों के पास उनका आधार कार्ड मिला है। उनका गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है। परिजन को इसके बारे में बताने पर उन्हें भी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पांच दिन तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर रखा और बैंक खातों, जमा पूंजी और परिजन के बारे में पूछते रहे। बयान दर्ज कराने के लिए डीजीपी मुख्यालय लखनऊ बुलाया। उन्होंने असमर्थता जताई तो ऑनलाइन बयान दर्ज कराने को कहा।