खाद की कालाबाजारी में दो दुकानदारों पर रिपोर्ट
- एक जगह स्टाक कम तो दूसरे ने बिना पीओएस और आधार के दी थी खाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। खाद की कालाबाजारी पर जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने दो खाद विक्रेताओं पर रिपोर्ट दर्ज की है।
जिले में डीएपी की किल्लत चल रही है। इसका फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। वे ज्यादा दाम पर खाद बेच रहे हैं। सोमवार को उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने मंगलपुर स्थित मै. अश्वनी ट्रेडर्स में एक कृषि कर्मी को किसान बनाकर भेजा। दुकानदार ने बिना आधार और पीओएस के 1400 रुपये में डीएपी दे दी। कालाबाजारी की आशंका पर दुकान को सील किया गया था। इसी तरह मै. पाल खाद भंडार/पाल ट्रेडिंग कंपनी डेरापुर में एमआईएस रिपोर्ट के अनुसार मौके पर 28.55 एमटी डीएपी होनी चाहिए थी, लेकिन स्टाक मेें एक भी बोरी खाद की नहीं मिली। अफसरों ने पाया कि बिना ई-पॉस मशीन के खाद को बेचकर कालाबाजारी की गई है। मंगलवार को दोनों विक्रेताओं के खिलाफ जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने मंगलपुर व डेरापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
फोटो संख्या-02 एकेबीपी-14 सिकंदरा साधन सहकारी समिति में खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़ ।
घंटों लाइन में लगे फिर भी नहीं मिली डीएपी
- गेहूं की बुआई को लेकर किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिकंदरा। कस्बा के साधन सहकारी समिति में डीएपी लेने के लिए मंगलवार को किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। दोपहर तीन बजे तक डीएपी खत्म हो गई। इससे किसान मायूस हो लौट गए।
भाल गांव की साधन सहकारी समिति बंद होने से किसान पुखरायां व सिकंदरा खाद लेने जाते हैं। दमनपुर गांव के किसान अजय सिंह, सर्वेश सिंह, रामनारायण भाल गांव के किसान पोरविंद कुमार ने बताया कि किसान खाद के लिए परेशान हैं। खाद न मिलने से गेहूं की बुआई का संकट नजर आ रहा है। अगर समय से डीएपी न मिली तो बुआई प्रभावित होगी। सिकंदरा साधन सहकारी समिति के सचिव मोहम्मद इसरार ने बताया कि शनिवार को 500 बोरी डीएपी आई थी। वह मंगलवार को खत्म हो गई है।