20 अप्रैल को प्रकाशित खबर। संवाद
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फतेहपुर। शहर में यूसुफ क्लब के नाम से चर्चित संपत्ति के मालिकाना हक को स्पष्ट करने के बाद जिला प्रशासन ने जमीन को सरकार के नाम पर दर्ज करा दिया है।
जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे के निर्देश पर लेखपालों की ओर से जालसाजों पर एक नहीं दो-दो एफआईआर अज्ञात में दर्ज कराई गई हैं।
अब सरकारी जमीनों के अभिलेखों में छेड़छाड़ करने वालों की जानकारी की जा रही है। इस बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए जनपद के कई प्रभावशाली लोग भी प्रयास में थे।
शहर के आईटीआई के ठीक सामने 16 करोड़ कीमत की दो बीघा एक बिस्वा जमीन पर कुछ लोगों ने यूसुफ क्लब के नाम से अपना कब्जा कर रखा था।
मामले की शिकायत हुई तो डीएम ने इसकी जांच कराई और 68 साल बाद 12 मई को बेशकीमती भूखंड सरकार के नाम दर्ज किया गया।
अब जालसाजी के पीछे शामिल रहे लोगों के विरुद्घ लेखपाल ओमप्रकाश की ओर से अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इसी क्रम में 20 अप्रैल को जिलाधिकारी आवास के ठीक पीछे तकरीबन 90 करोड़ कीमत की सोलह बीघे जमीन को भी शातिरों से मुक्त कराकर सरकार के नाम दर्ज कराया गया था।
इस मामले में लेखपाल अनपुम की ओर अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई गई। जमीनों के इन दोनों प्रकरणों को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
कोतवाल आनंद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।