रसूलाबाद। स्त्री व बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से सीएचसी का मैटरनिटी विंग रेफर सेंटर बन गया है। मंगलवार को भी एक गर्भवती व नवजात को मैटरनिटी विंग से हैलट रेफर कर दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं व नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके इसके लिए वर्ष 2017 में सीएचसी में मैटरनिटी विंग संचालित किया गया था। यहां बाल रोग व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है।
यहां तैनात डॉक्टरों की ओर से सिर्फ ओपीडी करने के कारण प्रसव स्टाफ नर्स व दाई कराती हैं। कई मामलों में प्रसूता या नवजात की हालत बिगड़ने पर उन्हें हैलट रेफर करना मजबूरी बना है। मंगलवार को विकास नगर निवासी मुस्तकीम की पत्नी आफरीन (26) को पहले प्रसव के लिए मैटरनिटी विंग में भर्ती कराया गया था।
करीब दो घंटे बाद गर्भवती की हालत बिगड़ती देख उसे डॉ. राशि जैन ने हैलट रेफर कर दिया। इसी प्रकार पाल नगर निवासी ज्योति कुमारी को मंगलवार शाम प्रसव हुआ प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई।
जिसे डॉ. अमित सक्सेना ने हैलट रेफर कर दिया। डॉक्टरों की कमी के चलते पिछले आठ से 14 सितंबर के बीच मैटरनिटी विंग में पांच नवजातों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे हुए है।
बाल रोग व स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है। उनके स्तर पर ही डॉक्टर की तैनाती की जा सकती है।
- डॉ. आशीष मिश्र, चिकित्साधीक्षक सीएचसी