फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rashid Kalia Encounter: करीबियों की मुखबिरी से मारा गया कालिया, सूत्रों का दावा- पत्नी के मार्फत बुलाया था

Mon, 20 Nov 2023 01:50 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: झांसी के मोहसिन हत्याकांड में भी परोक्ष रूप से शामिल रहे लोगों को शक था कि अगर राशिद पुलिस के हत्थे जिंदा चढ़ा और उसने अपना मुंह खोला तो वे लोग भी फंस सकते हैं।
विज्ञापन
Rashid Kalia encounter - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में बसपा नेता नरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सेंगर हत्याकांड में फरार चल रहा राशिद कालिया झांसी में अपने ही करीबियों की मुखबिरी के चलते मार गिराया गया। मुखबिरी करने वालों को शक था कि यदि राशिद जिंदा पकड़ा गया तो उनके भी कई राज खुल सकते हैं।

विज्ञापन

पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपी राशिद को एसटीएफ ने शनिवार को झांसी के मऊरानीपुर में मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। राशिद ने चेन लूट से अपराध की दुनिया में कदम रखा था और बाद में सुपारी लेकर हत्या तक करने लगा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राशिद के जरिये ही पप्पू स्मार्ट ने पिटू सेंगर की हत्या कराई थी।
इस हत्याकांड में आमिर बिच्छू, हैदर और टायसन ने शूटर व हथियारों की व्यवस्था कराई थी। राशिद के जरिये ही शूटर लाए गए और वारदात को अंजाम दिया गया। वहीं, झांसी के मोहसिन हत्याकांड में भी परोक्ष रूप से शामिल रहे लोगों को शक था कि अगर राशिद पुलिस के हत्थे जिंदा चढ़ा और उसने अपना मुंह खोला तो वे लोग भी फंस सकते हैं।

विज्ञापन

सुपारी लेकर राशिद के माध्यम से कई और हत्याएं कराईं
यह भी माना जा रहा है कि इस गिरोह ने सुपारी लेकर राशिद के माध्यम से कई और हत्याएं कराईं। ऐसे में गिरोह के लोगों ने ही मुखबिरी करके राशिद को झांसी बुलवाया। उन्हें पता था कि पुलिस से सामना होने पर राशिद समर्पण नहीं करेगा और मुठभेड़ मारा जाएगा, जो हुआ भी।

पत्नी के मार्फत बुलाया
राशिद कालिया मोबाइल नहीं रखता था। इसलिए राशिद पुलिस के सर्विलांस सेल के रेडार पर नहीं आ रहा था। कुछ समय पहले तक उसकी कोई फोटोग्राफ भी पुलिस के पास नहीं थी। राशिद के करीबी माने जा रहे लोगों ने ही उसकी फोटो पुलिस को मुहैया कराई ताकि पुलिस से कोई चूक न हो सके। इसके बाद राशिद की पत्नी के जरिये एक और सुपारी का झांसा देकर उसे बुलाया गया।
विज्ञापन

पप्पू और सरताज के एनकाउंटर से टूट गया गैंग
चकेरी थाने के तत्कालीन थाना अध्यक्ष दिनेश त्रिपाठी ने 18 फरवरी 2000 में राशिद खान उर्फ पप्पू चिकना और सरताज चिड्ढा का एनकाउंटर कर दिया। दोनों को पकड़वाने में चकेरी के एक सपा नेता ने बड़ी भूमिका थी। सरताज और पप्पू चिकना इसी सपा नेता को मारने की सुपारी ले चुके थे। पप्पू ओर सरताज की मौत के बाद गैैंग टूट गया। हर सदस्य अलग काम करने लगा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें