सुपारी लेकर राशिद के माध्यम से कई और हत्याएं कराईं
यह भी माना जा रहा है कि इस गिरोह ने सुपारी लेकर राशिद के माध्यम से कई और हत्याएं कराईं। ऐसे में गिरोह के लोगों ने ही मुखबिरी करके राशिद को झांसी बुलवाया। उन्हें पता था कि पुलिस से सामना होने पर राशिद समर्पण नहीं करेगा और मुठभेड़ मारा जाएगा, जो हुआ भी।
पत्नी के मार्फत बुलाया
राशिद कालिया मोबाइल नहीं रखता था। इसलिए राशिद पुलिस के सर्विलांस सेल के रेडार पर नहीं आ रहा था। कुछ समय पहले तक उसकी कोई फोटोग्राफ भी पुलिस के पास नहीं थी। राशिद के करीबी माने जा रहे लोगों ने ही उसकी फोटो पुलिस को मुहैया कराई ताकि पुलिस से कोई चूक न हो सके। इसके बाद राशिद की पत्नी के जरिये एक और सुपारी का झांसा देकर उसे बुलाया गया।
पप्पू और सरताज के एनकाउंटर से टूट गया गैंग
चकेरी थाने के तत्कालीन थाना अध्यक्ष दिनेश त्रिपाठी ने 18 फरवरी 2000 में राशिद खान उर्फ पप्पू चिकना और सरताज चिड्ढा का एनकाउंटर कर दिया। दोनों को पकड़वाने में चकेरी के एक सपा नेता ने बड़ी भूमिका थी। सरताज और पप्पू चिकना इसी सपा नेता को मारने की सुपारी ले चुके थे। पप्पू ओर सरताज की मौत के बाद गैैंग टूट गया। हर सदस्य अलग काम करने लगा था।