नाक-कान-गले के जितने ट्यूमर होते हैं, उनमें से 3 प्रतिशत एंजियोफाइब्रोमा के हैं। सिरदर्द, नाक से खून आना, आंखें बाहर की तरफ निकलना और चेहरा फ्रोग फेस (मेंढक के चेहरे की तरह) होना इसके लक्षण हैं।
वे भारतीय तकनीक से ईएनटी सर्जन के साथ मिलकर नाक से इस तरह का ट्यूमर निकाल देते हैं। पहले न्यूरो सर्जन सिर काटकर इस तरह के ट्यूमर निकालते थे। अब अत्याधुनिक तकनीक से मरीज की जान जाने का खतरा नहीं रहता।
ईएनटी पर किताब लिखने वाले डॉ. जानकीराम ने बताया कि साइनस की समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे सामान्य सिरदर्द समझकर दर्द की गोलियां खाकर टालते रहते हैं। इससे संक्रमण बढ़ता है। मवाद आंखों और दिमाग तक पहुंच सकता है। सिरदर्द के बहुत से कारणों में से एक साइनस भी है। अब इंडोस्कोपी से बहुत आसानी से साइनस के आपरेशन हो जाते हैं।