पीडी नगर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में भर्ती रामवती, जिसने एक साथ चार बेटियों को जन्म दिया
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यूपी का उन्नाव जिला पूरे देश में उस समय चर्चा में आ गया जब एक महिला द्वारा चार बच्चों को जन्म देने की खबर तेजी से फैलने लगी। महिला की डिलीवरी करने वाली डॉक्टर का कहना था कि एक मां द्वारा चार बच्चों का जन्म कुदरत के किसी करिश्मे से कम नहीं है।
उन्नाव बीघापुर थाना क्षेत्र के गनेशखेड़ा निवासी रामवती (32) ने शुक्रवार शाम चार बच्चियों को जन्म दिया। समय से पहले हुए प्रसव में दो बच्चियां तो नार्मल डिलीवरी से हुईं, जबकि दो बच्चियों का जन्म आपरेशन से हुआ। दुर्भाग्य से एक बच्ची चल बसी। प्रसूता और तीन बच्चियां स्वस्थ हैं। रामवती को पहले से दो बेटियां और एक बेटा है। डाक्टरों का कहना है कि किसी महिला का एक साथ चार बच्चों को जन्म देना कुदरत के करिश्मे जैसा है।
गनेशखेड़ा के देवनारायण ने पत्नी रामवती को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार शाम क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र (न्यू पीएचसी) में भर्ती कराया। यहां नार्मल डिलीवरी से देर शाम एक बच्ची का जन्म हुआ। कुछ देर बाद ही डाक्टर अनुपमा की देखरेख में एक और बच्ची का जन्म हुआ। कुछ ही समय में इसकी मौत हो गई। गर्भ में एक और बच्चे की संभावना पर महिला का अल्ट्रासाउंड कराया गया तो पता चला कि गर्भ में दो और बच्चे हैं।
एहतियात बरतते हुए स्वास्थ्य केंद्र की डॉक्टर ने रामवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आशा कार्यकर्ता निशा ने रामवती को जिला अस्पताल ले जाने की बजाय पीडी नगर स्थित कृष्णालोक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। यहां देर रात डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने आपरेशन से दो अन्य बच्चियों का जन्म कराया। डाक्टर के अनुसार जच्चा और तीनों बच्चियां स्वस्थ हैं।
गाइनकोलॉजिस्ट डा. सुशीला सिंह ने बताया कि इस तरह के केस लाखों में एकाध मिलते हैं। मेडिकल हिस्ट्री में इसे इडियोपैथी कहते हैं। 30 से 40 वर्ष के बीच महिलाओं में दो या दो से अधिक बच्चों के साथ गर्भवती होने की संभावना रहती है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ अंजू दुबे (गाइनकोलाजिस्ट) ने बताया कि यह एक असामान्य घटना है। इडियोपैथी से गर्भाशय में एक से अधिक एग (डिंब) बन जाते हैं। यह प्राकृतिक रूप से होता है।