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राम मंदिर निर्माण अगले साल से: वेदांती

Mon, 06 Nov 2017 08:10 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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सम्मेलन में मौजूद साधु-संत - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व सांसद रामबिलास वेदांती ने कहा है कि अयोध्या में हमलोगों ने जो ढांचा गिराया था वह मंदिर का खंडहर था। मंदिर के लिए कई बार फांसी पर चढ़ना पड़े तो भी हम तैयार हैं। अयोध्या में राम मंदिर बनेगा। इसके लिए सरकार कानून भी बनाएगी। 2018 में जैसे ही राज्यसभा में बहुमत मिल जाएगा राम मंदिर के लिए कानून बनेगा। हमें उम्मीद है कि उससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ जाएगा। यह बात उन्होंने स्वामी नारदानंद सरस्वती महाराज की पुण्यतिथि पर रविवार को वृंदावन लॉन किदवई नगर में आयोजित विराट संत सम्मेलन में कहीं।
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पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद महाराज ने कहा कि आज हम जाति और पंथ में बंट गए हैं। इस कारण चूहा-बिल्ली खाने वाला चीन भी हमारी ओर आंख दिखा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा। निर्माण के लिए 365 दिन नहीं चाहिए। बल्कि 364 दिनों में निर्माण शुरू हो जाएगा। राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि जब नोटबंदी के लिए 4 घंटे में कानून बन सकता है तो फिर 4 घंटे में राम मंदिर के लिए कानून क्यों नहीं। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि हमलोग जब अगली बार इस पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे तब राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका होगा। 

साध्वी डॉ.प्राची ने कहा कि जो लोग कश्मीर की आजादी की बात करते हैं, उन्हें डूब मरना चाहिए। कुछ लोग आज हिंदू आतंकवाद की बात कर रहे हैं। जबकि उन्हें शायद मालूम नहीं है कि हिंदू न आतंकवादी था, न है और न रहेगा। भाजपा केराष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम कुमार शुक्ला ने कहा कि भाजपा राम मंदिर के लिए अपनी 4 सरकारें कुर्बान कर चुकी है। आवश्यकता पड़ी तो हम लोग कई बार अपनी सरकारें कुर्बान करेंगे। उन्होंने कमल हसन द्वारा हिंदू आतंकवाद का मुद्दा उठाए जाने पर कहा कि जो लोग आतंकवादियों के मारे जाने से दुखी हैं वे ही हिंदू आतंकवाद का मुद्दा उठा रहे हैं। 
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जूना अखाड़ा के मंत्री नारायण गिरी महाराज, स्वामी नारायणानंद महाराज, महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज, मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक होमगार्ड सूर्यकांत शुक्ला आदि ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर संयोजक अजय प्रताप सिंह, नारदानंद आश्रम नैमिषारण्य के चेयरमैन स्वामी विद्या चैतन्य महाराज, डॉ.अमित अवस्थी, रोहित यादव, दिनेश सिंह, मोनू पांडेय आदि मौजूद रहे।

विराट संत सम्मेलन में पहुंचे संत

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद महाराज,  महामंडलेश्वर जय गिरी महाराज, साध्वी डॉ. प्राची, पूर्व सांसद रामबिलास वेदांती, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज, दिगंबर अखाड़ा से स्वामी सुरेशदास महाराज, महंत नारायण गिरी महाराज, पुष्करराज राजस्थान से भुवनेशमुनी महाराज, महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज आदि प्रमुख रहे।
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