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राजाराम हत्याकांड : रेखा वर्मा का दावा, आरोपियों ने उसे मोहरा बनाया

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कानपुर। अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड और उससे जुड़े जमीन के विवाद की अग्रिम विवेचना जारी है। विवादित जमीन का एग्रीमेंट करने वाली राजाराम की बहू रेखा वर्मा कानपुर जेल में है। हालांकि, मुंबई में गिरफ्तारी के बाद और बुधवार को शहर आने के दौरान रेखा ने पुलिस से खुद को बेकसूर बताया। कहा कि आरोपियों ने उसे मोहरा बना दिया। उसने पुलिस को कई अहम जानकारी दी हैं। इसकी पड़ताल और पुष्टि के लिए पुलिस उसका कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है।
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नवाबगंज के गंगानगर हाउसिंग सोसाइटी निवासी अधिवक्ता राजाराम वर्मा की जमीन के विवाद में 22 दिसंबर 2021 को हत्या हुई थी। हत्याकांड के बाद राजाराम के बेटे नरेंद्रदेव ने नवाबगंज थाने में एनआरआई सिटी के निदेशकों समेत चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में जुटी पुलिस ने हत्यारोपी चौबेपुर के रोहित व दिलनियाज और चार लाख सुपारी देने के आरोपी अंकित यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में अग्रिम विवेचना शुरू होने के बाद मुंबई निवासी एसबीआई कर्मी रेखा वर्मा को मुंबई से गिरफ्तार कर शहर लाया गया।
उसे शहर तक लाने वाले पुलिस कर्मियों के अनुसार रेखा ने कहा था कि आरोपियों ने उसका इस्तेमाल किया। उसने कई अहम नाम भी लिए हैं। साथ ही एग्रीमेंट होने और उनके निरस्त होने के खेल के बारे में भी कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। विवेचक जगदीश पांडेय ने बताया कि रेखा ने जो जानकारी दी है उसके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही और अधिक गहनता से जानकारी हासिल करने के लिए रेखा वर्मा की पुलिस कस्टडी रिमांड ली जाएगी। वहीं, अधिवक्ता जितेंद्र सिंह को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन उन्होंने व्यस्तता के चलते न आ पाने की जानकारी दी।
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