सूत्रों के अनुसार कागजों में भले 3.60 करोड़ की खरीद दिखाई गई, लेकिन इसकी कीमत ज्यादा चुकाई गई है। उपायुक्त उद्योग के खातों में बड़े पैमाने पर लेनदेन हुआ था। इसके साथ ही करोड़ों की नकदी भी ली गई थी। इस खेल में कौन-कौन शामिल रहा, उपायुक्त उद्योग की क्या भूमिका रही इसकी भी जांच की जा रही है।
उपायुक्त उद्योग के आयकर रिटर्नों की भी जांच कराई जा रही है। जमीन बेचने के बाद मिली रकम कहां खपाई गई, इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि कार्रवाई के दौरान प्रॉपर्टी डीलरों के प्रतिष्ठानों से कैश और ज्वैलरी भी मिली है, लेकिन रकम और ज्वैलरी कितनी है। इसका खुलासा नहीं किया गया है।
राजू चौहान के पास मिले 55 बीघा जमीन के दस्तावेज
राजू चौहान और देशराज कुशवाहा का रहन सहन बेहद साधारण है। अकेले राजू चौहान के पास 55 बीघा जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। ऐसे में राजू की आय के स्रोत खंगाले जा रहे हैं।
माना जा रहा कि इनका एक बड़ा सिंडीकेट है, जो रुपये लगाता है। वहीं देशराज बसपा के शासनकाल में एक मंत्री का बेहद करीबी था। सूत्रों का कहना है कि उपायुक्त उद्योग ने जो नकदी ली है, इस मामले में आयकर जल्द कार्रवाई कर सकता है।