एनसीआर को गंभीर चोट पहुंचाने की धारा में तरमीम न किए जाने की लापरवाही सामने आने पर उन्होंने एसओ व विवेचक को निलंबित करने का आदेश दिया। एसपी अविनाश पांडेय ने देर रात एसओ हरप्रसाद अहरवार व विवेचक दरोगा तमीजउद्दीन को निलंबित कर दिया।
अपर मुख्य सचिव विकास के निजी सचिव द्वारा गोली मारकर आत्महत्या के प्रयास के मामले में उनकी बहन पक्ष की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद धारा न बढ़ाए जाने की लापरवाही सामने आई है। आईजी के आदेश पर देर रात एसपी ने एसओ औरास व विवेचक को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी। निरीक्षक अतुल तिवारी को थानाध्यक्ष बनाया गया है।
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रात में ही मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एनसीआर को धारा 325 (गंभीर चोट पहुंचाना) में तरमीम कर जांच शुरू की गई है। लखनऊ निवासी निजी सचिव विशंभर के बहनोई औरास थाना क्षेत्र के बहादुरपुर खंझड़ी गांव निवासी पप्पू का 14 मई 2021 को अपने चाचा बाबूलाल से जमीन को लेकर विवाद हुआ था।
इसमें दोनों पक्षों में डंडे चले थे। निजी सचिव के भांजा छोटू मारपीट में घायल हो गया था। छोटू ने विपक्ष के बाबूलाल के बेटों समेत चार लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एनसीआर दर्ज कर ली थी। बाबूलाल के बेटे ज्ञानेंद्र ने पप्पू के बेटों समेत चार लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी।
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निजी सचिव के भांजे छोटू द्वारा दर्ज कराई गई एनसीआर में विवेचक तमीजुद्दीन ने मेडिकल रिपोर्ट में छोटू के हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि होने और निजी सचिव विशंभर के कहने के बाद भी पुलिस एनसीआर को गंभीर चोट पहुंचाने की धारा में तरमीम नहीं किया।
इसी बात से आहत होकर विशंभर तनाव में चल रहे थे। खुदकुशी के प्रयास से पहले उन्होंने एक नोट लिखा। इसमें पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आहत होकर आत्मघाती कदम उठाए जाने का जिक्र किया था। नोट के आधार सोमवार शाम औरास थाना पहुंची आईजी लक्ष्मी सिंह ने पूरे प्रकरण की बिंदुवार जानकारी ली।
एनसीआर को गंभीर चोट पहुंचाने की धारा में तरमीम न किए जाने की लापरवाही सामने आने पर उन्होंने एसओ व विवेचक को निलंबित करने का आदेश दिया। एसपी अविनाश पांडेय ने देर रात एसओ हरप्रसाद अहरवार व विवेचक दरोगा तमीजउद्दीन को निलंबित कर दिया।
निरीक्षक अतुल तिवारी को थानाध्यक्ष बनाया गया। रात में ही उन्होंने एनसीआर को गंभीर चोट पहुंचाने की धारा में तरमीम कर जांच शुरू की है। पुलिस ने निजी सचिव के बहनोई पप्पू के पिता सूरत, चाचा बाबूलाल व भाई कुलदीप को थाने लाकर पूछताछ शुरू की है।
10 घंटे थाने में रुके एसपी
आईजी के आने से पहले एसपी अविनाश पांडेय व एएसपी शशिशेखर सिंह औरास थाने पहुंच गए थे। आईजी के जाने के बाद तड़के 3 बजे तक एसपी व एएसपी ने प्रकरण के सभी बिंदुओं की बारीकी से पड़ताल की। एसपी ने मेडिकल रिपोर्ट में फ्रैक्चर की पुष्टि होने के बाद भी एनसीआर को मुकदमे में तरमीम न किए जाने की लापरवाही की जांच एएसपी शशिशेखर सिंह को सौंपी है।
दो साल पहले शुरू हुआ था विवाद
निजी सचिव विश्वंभर के बहनोई पप्पू के घर के बाहर के चबूतरे को वर्ष 2019 में उनके चाचा बाबूलाल ने अपने बेटों के साथ मिलकर गिरा दिया था। जिसमें दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। चाचा बाबूलाल ने पप्पू उसके बेटे मोहित, गुड्डू, छोटू व बेटी मोनिका और पत्नी रामदेवी के अलावा निजी सचिव विश्वंभर दयाल के खिलाफ औरास थाने में मारपीट, गाली गलौज समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना में दोष सिद्ध न होने पर निजी सचिव विश्वंभर, उनकी बहन व भांजी का नाम निकाल दिया था। इसके बाद से लगातार दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। मार्च 2021 में विपक्ष के बाबूलाल के एक सहयोगी ने एएसपी शशिशेखर सिंह के सामने पेश होकर बेटी से छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की।
एएसपी के निर्देश पर निजी सचिव के बहनोई पप्पू और उनके बेटों के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं 7 अगस्त को निजी सचिव की बहन रामदेवी ने चचेरे ससुर बाबूलाल उसके तीनों बेटों पप्पू रैदास और उसके बेटे के खिलाफ मारपीट की एक और रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसकी विवेचना चल रही है।