कानपुर। शहर में एक मार्च से निजी कंपनियां सफाई का जिम्मा संभालेंगी। निजी कंपनियां सभी 110 वार्डों में घरों से कूड़ा उठाएंगी। सड़कों, नालियों और एक मीटर तक चौड़े नालों की सफाई कर कूड़ा और सिल्ट प्लांट तक पहुंचाएंगी। नगर निगम सड़कों, नालियों की सफाई में लगे 4500 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों को भी संबंधित जोन का ठेका लेने वाली कंपनी को सौंपेगा। कर्मियों से काम कराने, वेतन आदि की जिम्मेदारी ठेकेदार कंपनी की होगी। कंपनी ही घरों से कूड़ा उठाने के मद में जमा होने वाली धनराशि नगर निगम के खाते में जमा करेगी और उसे इस कार्य के बदले धन दिया जाएगा।
टेंडर में प्रति मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित के लिए धनराशि 25000 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें से सर्वाधिक कम धनराशि में यह कार्य करने वाली कंपनी को ठेका दिया जाएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के निर्देश पर नए सिरे से कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत शहर को तीन क्लस्टर में बांटा गया है। प्रत्येक क्लस्टर में दो-दो जोन हैं। पहले क्लस्टर के तहत जोन-1 और 2 में सफाई व्यवस्था के लिए दो फरवरी तक टेंडर आमंत्रित किए हैं। इन्हें तीन फरवरी को खोला जाएगा।
जांच के बाद सबसे न्यूनतम धनराशि में ये सभी कार्य करने का ठेका डालने वाली कंपनी को कार्यादेश जारी किया जाएगा। फरवरी में ही यह प्रक्रिया पूरी कर एक मार्च से इन दोनों जोनों में ठेकेदार कंपनी के माध्यम से सफाई शुरू कराई जाएगी। 15 जनवरी को क्लस्टर दो और 30 जनवरी को क्लस्टर तीन के भी टेंडर जारी किए जाएंगे।
स्थायी सफाई कर्मी करेंगे दूसरे विभागों में काम
नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में 4500 आउटसोर्सिंग कर्मियों के अलावा करीब 1300 स्थायी कर्मचारी हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर इन्हें उद्यान सहित अन्य विभागों में स्थानांतरित किया जाएगा।