कानपुर देहात। प्राथमिक स्कूलों में बुधवार को बच्चों के पहुंचने से डेढ़ साल से छाई वीरानी दूर हो गई। विद्यालयों का माहौल खुशनुमा हो गया। शिक्षकों के चेहरों में रौनक नजर आई। बच्चे दोस्तों के साथ मिलकर खूब मस्ती करते रहे।
कोविड प्रोटोकॉल से अनजान बच्चे पहले दिन अधिकतर समय खेलते रहे। इस दौरान शिक्षक उन्हें कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए समझाते भी रहे। वहीं मध्याह्न भोजन खाने से लेकर हैंडपंपों पर हाथ धोने तक बच्चे एक दूसरे से जुड़े खड़े रहे। कक्षाओं में भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सका।
अकबरपुर ब्लॉक के प्राथमिक पातेपुर प्राथमिक विद्यालय 35 बच्चे आए थे। हेड मास्टर अवकाश पर थी बाकी सभी चार शिक्षक मौजूद थे। डेढ़ साल बाद स्कूल गए बच्चों में करीब 15 तो कक्षा में बैठकर पढ़ रहे थे। बाकी कक्षा की सफाई करने में लगे थे। मीडियाकर्मी को देख शिक्षकों ने बच्चों से झाड़ू फिंकवा दी, इसके बाद बच्चे खड़े हो गए। इसी तरह से प्राथमिक विद्यालय मिलकिनपुरवा में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे।
दोनों विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत तहरी बनी थी। प्राथमिक विद्यालय धरऊ में बच्चे खेल रहे थे। आघू कमालपुर में बच्चे पास-पास जमीन में बैठकर तहरी खा रहे थे। बच्चों के बैठने के लिए टाटपट्टी तक नहीं बिछाई गई। झींझक ब्लॉक के प्राथमिक मंगलपुर में कक्षा 1 से 5 तक पंजीकृत सौ बच्चों के सापेक्ष सिर्फ 25 पहुंचे। झींझक स्थित मॉडल विद्यालय में 150 बच्चों में 68 आए थे।
कृपालपुर में 83 में 33 बच्चे आए। शाहपुर में 88 में 60 बच्चे पहुंचे। रसोइयों ने मास्क लगाकर भोजन तैयार किया। रसूलाबाद में प्रार्थना सभा के बाद बच्चों को खीर खिलाई गई। बीआरसी परिसर स्थित संविलयन विद्यालय जोत, कन्या संविलयन विद्यालय विकास नगर, भैंसाया, बिलहा, पहाड़ीपुर, सुंदरपुर गजेन में भी बच्चों को पहले दिन खीर खिलाई गई।
एक बेंच पर बैठाए गए तीन-तीन बच्चे
डेरापुर। कस्बे के संविलियन विद्यालय के प्राइमरी कक्षाओं में बिना मास्क के बच्चे पहुंचे। एक ही बेंच पर तीन-तीन बच्चे बैठाए गए। यहां पंजीकृत 132 में 55 बच्चे पहले दिन विद्यालय पहुंचे। सभी शिक्षक मौजूद मिले। डिरवापुर प्राथमिक विद्यालय में 17 के सापेक्ष सात बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक नेकराम ने बताया कि बच्चों को दूध वितरित करने के साथ तहरी खिलाई गई है।
जगदीशपुर प्राथमिक विद्यालय में एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। इंचार्ज प्रधानाध्यापक राजेंद्र बाबू ने बताया कि अभिभावकों को सूचना दी गई है। बच्चे नहीं आए हैं। यहां 24 बच्चे पंजीकृत हैं। परिसर में गंदा पानी भरा था। प्रधानाध्यापक ने बताया कि जल निकासी की व्यवस्था न होने से समस्या आ रही है। बाउंड्रीवाल न होने से लोग परिसर में मवेशी बांध देते हैं। (संवाद)
झुंड बनाकर बच्चों ने साफ किए बर्तन
संदलपुर। प्राथमिक विद्यालय ककलापुर में बच्चे दोपहर का भोजन करने के बाद झुंड बनाकर बर्तन साफ करते नजर आए। सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सका। बुधवार को दूध देना था लेकिन नहीं दिया गया। प्राथमिक विद्यालय सुरासी में 134 बच्चों के सापेक्ष 65 मौजूद रहे।
प्राथमिक विद्यालय लौवा का पुरवा में 47 बच्चे पहुंचे। दशहरी में 47 के सापेक्ष 17 बच्चे आए। खंड शिक्षा अधिकारी सुनीता चौधरी ने बताया कि पहले दिन अव्यवस्थाएं रही हैं। जिन्हें जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा। (संवाद)
इंतजार करते रहे बच्चे, लगा रहा ताला
रूरा। मैथा ब्लॉक के संविलियन पूर्व माध्यमिक विद्यालय भंवरपुर में दस बजे तक ताला लटकता रहा, जबकि बच्चे नौ बजे स्कूल पहुंच गए थे। एक घंटे तक विद्यालय न खुलने पर काफी बच्चे लौट गए। हेडमास्टर रामकुमार कुशवाहा ने बताया कि शिक्षामित्र रणधीर ने ताला खोलकर बच्चों को बैठाया था। उन्हें आने में देरी हो गई थी। (संवाद)
पहले दिन स्कूलों में लापरवाही होने की जानकारी मिली है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। विद्यालयों के निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। - सुनील दत्त, बीएसए