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भूमि विवाद में पुजारी की गोली मारकर हत्या

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हरदोई : लालाराम की फाइल फोटो। - फोटो : HARDOI
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हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बहर में बुधवार रात भूमि विवाद के चलते मंदिर के परिसर में नलकूप के पास ही पुजारी की तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार को पुजारी के भाई ने भूमि विवाद के चलते ही पांच लोगों पर शक जताते हुए तहरीर दी है। मौके से फील्ड यूनिट ने सबूत जुटाए हैं।
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ग्राम बहर निवासी शिव प्रसाद निवासी लालाराम दीक्षित (35) खेती करता था। खेत के पास ही स्थित मंदिर में पुजारी भी था। बुधवार की रात वह मंदिर परिसर में स्थित ट्यूबवेल के निकट बने छप्पर के नीचे सोया था।
बृहस्पतिवार सुबह जब वह गांव स्थित मकान में नहीं पहुंचा, तो उसका भतीजा नितिन उसे बुलाने के लिए मंदिर परिसर में पहुंचा। छप्पर के नीचे नलकूप के पास लालाराम का लहूलुहान शव पड़ा देखा, तो शोर मचाया और परिजनों को जानकारी दी। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर लग गई और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
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एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। तीन गोलियां मारकर लालाराम की हत्या की गई है। परिजनों ने भूमि विवाद में हत्या किए जाने की आशंका जताई है। लालाराम के भाई विपिन ने पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
हत्या की वजह 20 बीघा भूमि तो नहीं
हरदोई। ग्राम बहर में लालाराम दीक्षित की हत्या की वजह मंदिर व उसके आसपास की लगभग 20 बीघा भूमि बताई गई है। जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं हैं। इसके साथ मंदिर में आने वाले चढ़ावे को लेकर भी विवाद बताया जा रहा है।
दरअसल, लालाराम दीक्षित के चचेरे बाबा शिव प्रसाद दीक्षित अविवाहित थे। ग्रामीण बताते हैं कि उन्होंने नट बिरादरी के कुछ लोगों को अपनी भूमि पर बसा दिया था। बाद में यह भूमि भी इन्हीं लोगों के नाम कर दी थी। इस भूमि को लेकर विवाद है। इससे इतर यह भी पता चला है कि मंदिर में एक वर्ष में लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये का चढ़ावा भी आता है।
इस चढ़ावे को लेकर भी विवाद की बात पुलिस को पता चली है। प्राथमिक जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि मंदिर के आसपास की जो खाली पड़ी भूमि है, वह वन विभाग की है। लालाराम अविवाहित था और चार भाइयों में बड़ा था।
दो गोलियां हुईं आरपार, एक गले में फंसी
लालाराम के शव का पोस्टमार्टम पैनल से कराया गया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक लालाराम को तीन गोलियां मारी गईं।
दो गोलियां सीने में लगीं और आरपार हो गईं, जबकि एक गोली गले में लगी और वहीं फंसकर रह गई। विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि जो गोली गले में फंसी मिली है वह पिस्टल की लग रही है।
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