आयुक्त ने भविष्य के लिए लखनऊ-कानपुर के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट परियोजना (आरआरटीएस) के अध्ययन को लेकर शासन स्तर पर होने वाली बैठक के संबंध में समिति समन्वयक को फॉलोअप लेने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बैराज क्षेत्र से गुरुदेव पैलेस और चिड़ियाघर से सिंहपुर के बीच बढ़ते यातायात को कम करने के लिए मार्गों को चौड़ा किया जाए। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। पनकी नहर पट्टी अर्मापुर से आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे को जोड़ने के प्रस्ताव के संबंध में यूपीडा की ओर से मांगी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए।
बैठक में नीरज श्रीवास्तव ने प्रस्तावित किया कि रिंग रोड परियोजना में मंधना सचेंडी के साथ साथ मंधना-आटा मार्ग पर भी निर्माण एक साथ किया जाए ताकि भौंती-रामादेवी मार्ग पर ट्रैफिक दबाव न बढ़े। आयुक्त ने इस संबंध में मंत्रालय से समन्वय करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गंगा लिंक एक्सप्रेस वे की डीपीआर के लिए मिली सहमति
बैठक में बताया गया कि गंगा बैराज से लिंक करने के लिए गंगा लिंक एक्सप्रेसवे इनर सर्किल रोड की प्रथम चरण में डीपीआर बनाए जाने के लिए सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने सहमति दी है। वहीं, गोल चौराहे से रामादेवी तक एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए टेंडर 29 अप्रैल को होगा। इसके बाद डीपीआर बनाई जाएगी। इसके अलावा, बिल्डरों के सहयोग से शहर के प्रमुख चौराहों का विकास कराने के लिए चयन हो चुका है। इसकी ड्राइंग लोक निर्माण विभाग इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों के अनुसार बनाएगा और इस संबंध में केडीए उपाध्यक्ष को अलग से बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहले फेज के लिए पांच माह में पूरा हो जाएगा अधिग्रहण
93 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड परियोजना के पहले फेज में 23 किलोमीटर लंबे मंधना-सचेंडी मार्ग के लिए शुरुआती स्वीकृति मिल गई है। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होने वाली है। परियोजना निदेशक एनएचएआई कन्नौज ने बताया कि लगभग पांच माह में अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। सितंबर से मुआवजा वितरण शुरू कर मार्च 2023 से निर्माण शुरू हो जाएगा।