बांदा में पुरुष और महिला जिला अस्पताल का बुरा हाल है। यहां मरीजों को न केवल डॉक्टरों और दवाओं की कमी से जुझना पड़ रहा है, बल्कि बिजली संकट और जान की जोखिम दोनों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, अस्पतालों में 24 घंटें से बिजली नहीं है और इन्वटर्र की मदद से ऑपरेशन और प्रसव किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में फाल्ट ने जिला पुरुष और महिला अस्पताल की बिजली गुल कर दी। लगभग 24 घंटे से भी ज्यादा समय बीत गया और आपूर्ति शुरू नहीं हुई। अधिकांश सेवाएं जनरेटर व इन्वर्टर के सहारे पर रहीं। महिला अस्पताल का जनरेटर पुराना होने और जल्दी गर्म हो जाने पर ऑपरेशन व प्रसव आदि इनवर्टर की रोशनी में हुए। भीषण गर्मी और 47 डिग्री पारे के बीच बिन बिजली मरीज बेचैन रहे। शहर के वीआईपी इलाके में जंगल दफ्तर के पास बिछाए गए अंडर ग्राउंड बिजली तार जेसीबी से खोदाई में कई स्थानों पर कट गए।
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इससे जिला पुरुष और महिला अस्पतालों सहित कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। अस्पतालों की सेवाएं धड़ाम हो गईं। जेनरेटर ज्यादा देर तक न चल पाने से ज्यादातर काम इनवर्टर के सहारे हुए। जिला पुरुष अस्पताल सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि गर्मी में जेनरेटर भी जल्दी गरम हो जाते हैं। बीच-बीच में बंद करके जेनरेटर से आपूर्ति की गई। फिलहाल कोई सेवा बाधित नहीं होने दी गई।
महिला अस्पताल सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह ने बताया कि जनरेटर बहुत पुराना है। ज्यादा देर तक नहीं चल पाता। मजबूरन इन्वर्टर के सहारे प्रसव और ऑपरेशन करने पड़े। उधर, अधिशासी अभियंता का कहना है कि केबल की मरम्मत की जा रही है और जल्द ही आपूर्ति बहाल होगी।