कानपुर के पनकी मंदिर में मंगलवार को रुपये लेकर लोगों को वीआईपी दर्शन करवा रहे सिपाहियों का विरोध करना भाजपा नेता के बेटे व उसके दोस्त को महंगा पड़ गया। सिपाहियों ने दोनों को पीटा और एक का फोन तोड़ दिया।
जानकारी होने पर सैकड़ों भाजपा नेता वहां जुट गए और सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे। एसीपी कल्याणपुर ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया चौकी इंचार्ज को हटाते हुए दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
बर्रा निवासी राजेश बाजपेई भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं। उनका बेटा उत्कर्ष दोस्त शुभम शुक्ला के साथ मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पनकी मंदिर में दर्शन करने गया था। उत्कर्ष के अनुसार गर्भगृह में दो सिपाही लोगों से सौ, पचास रुपये लेकर उनको वीआईपी दर्शन करवा कर थे।
विरोध करने पर दोनों सिपाही उत्कर्ष और शुभम को मंदिर से बाहर ले गए और परिसर में ही बने एक कमरे में ले जाकर पीटा। जब शुभम ने इसकी जानकारी देने के लिए फोन करने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल तोड़ दिया। फिर उत्कर्ष को पनकी मंदिर पुलिस चौकी ले गए।