कानपुर देहात। रसूलाबाद पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में एक नाबालिग समेत तीन लोगों को पांच दिन पहले जेल भेजा था। मामले में पुलिस ने नाबालिग को अपनी लिखापढ़ी में बालिग (वयस्क) दिखाया है।
वहीं, हाईस्कूल की अंक तालिका के अनुसार उसकी उम्र 15 साल छह माह है। परिजनों ने कोर्ट में साक्ष्य दिए तो सीएजेएम ने नाराजगी जता रसूलाबाद के प्रभारी निरीक्षक से रिपोर्ट तलब की है।
रोशनमऊ रूरा निवासी फोटोग्राफर दीप गुप्ता ने 31 दिसंबर की शाम माधवनगर रसूलाबाद निवासी विशाल राजपूत समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी कर 68 हजार 900 रुपये लेने व मारपीट की रिपोर्ट लिखाई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दो जनवरी को कोर्ट में पेश किया था। वहां से तीनों को जेल भेज दिया गया था।
इन तीन आरोपियों में एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने कहीं भी लिखापढ़ी में उसके नाबालिग होने का जिक्र नहीं किया। गुरुवार को नाबालिग आरोपी के परिजनों ने अधिवक्ता राम आसरे राजपूत के माध्यम से मुख्य न्यायिक अधिकारी शिवानंद सिंह की कोर्ट में प्रार्थना दिया।
कोर्ट को बताया कि पुलिस ने नाबालिग को गलत तरीके से जेल भेजा है। साक्ष्य के तौर पर उसकी हाईस्कूल की अंक तालिका प्रस्तुत की। इस पर मुख्य न्यायिक अधिकारी ने पुलिस की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। साथ ही प्रभारी निरीक्षक रसूलाबाद से मामले में रिपोर्ट तलब की है। अब सुनवाई की तिथि दस जनवरी तय की गई है।