रात करीब साढ़े आठ बजे जब डीसीपी पश्चिम विजय ढुल से जानकारी की, तो उन्होंने घटना की जानकारी से इनकार किया। बाद में ग्वालटोली पुलिस व कर्नलगंज एसीपी से पूछा तब उनको जानकारी हुई। हालांकि ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने गुरुवार को खुलासे के बाद बताया कि उनको जानकारी थी।
टीम को लगाया गया था, लेकिन मौके पर सिर्फ ग्वालटोली पुलिस व एसीपी की टीम पहुंची। एडीसीपी, डीसीपी जैसे उच्चाधिकारी नहीं पहुंचे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि घटना की जानकारी के बाद भी घटनास्थल पर कोई क्यों नहीं पहुंचा।
गांव में पुलिस और पीएसी तैनात
पीड़ित व आरोपी एक ही गांव के हैं। इसलिए गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस के साथ पीएसी बल की भी गांव में तैनाती की गई है। उच्चाधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं।