इसके बाद भी अब तक ये पता नहीं हो सका कि इरफान का फर्जी आधार कहां हैं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि विवेचना जारी है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जरूरत पड़ी तो आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
होटल में लगाया था फर्जी आधार
जेसीपी ने बताया कि भले अभी फर्जी आधार बरामद नहीं हुआ, लेकिन उससे संबंधित साक्ष्य मिल गए हैं। 10 नवंबर को नोएडा स्थित एक होटल में इरफान रुके थे। यहां पर वही अशरफ अली नाम का फर्जी आधार लगाया था। होटल से ये दस्तावेज प्राप्त कर लिए गए हैं।
अलग-अलग होटलों में ठहरे थे इरफान
पुलिस के मुताबिक इरफान मुंबई में कई अलग-अलग होटलों में ठहरे। होटल की बुकिंग में फेक आईडी लगाई गई। होटल का रेंट लगभग 15 सौ से दो हजार रुपये रहा। जब उन्हें भनक लगी थी कि पुलिस को मुंबई ठिकाने की जानकारी हो गई है।
तब वो वहां से भाग निकले थे। वहां से हैदराबाद पहुंचे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तेलंगाना पुलिस ने कानपुर पुलिस का सहयोग नहीं किया था। यही कारण है कि जब पुलिस ने दबिश दी, तो उसके आधे घंटे पहले ही इरफान वहां से निकल गए थे।
इरफान के खिलाफ 13 और शिकायतें, एसआईटी गठित
इरफान सोलंकी व रिजवान के खिलाफ 13 और शिकायतें पहुंची हैं। जमीन कब्जे से लेकर अन्य आरोपों संबंधी ये शिकायतें हैं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इन सभी शिकायतों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
इसका प्रतिनिधित्व एसीपी स्वरूपनगर मृगांक शेखर पाठक कर रहे हैं। इसमें इंस्पेक्टर जाजमऊ अशोक कुमार दुबे व कर्नलगंज इंस्पेक्टर रत्नेश सिंह शामिल भी हैं। जेसीपी के मुताबिक जांच में जिन-जिन मामलों में सुबूत मिलेंगे, उसमें एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पुराने केसों की फाइलें खुलेंगी, कसेगा शिकंजा
पुलिस ने इरफान सोलंकी व रिजवान सोलंकी के आपराधिक इतिहास का विवरण जारी किया है। इरफान पर 11 व रिजवान पर चार केस दर्ज किए गए हैं। रिजवान उन्नाव से भूमाफिया चिह्नित है। इरफान पर हाल में दो गंभीर मामले दर्ज हुए हैं।
इनमें तीन केस वो हैं, जो मेडिकल कॉलेज के बवाल के दौरान दर्ज किए गए थे। ये बेहद संगीन आरोपों के थे लेकिन तब इनमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। अन्य केस आचार संहिता व लॉकडाउन उल्लंघन के हैं। वहीं रिजवान पर उन्नाव में धोखाधड़ी, लोक संपत्ति निवारण अधिनियम का एक केस है।
दूसरा बलवा, मारपीट, हत्या के प्रयास का केस है। वहीं जाजमऊ व ग्वालटोली में दर्ज किया गया है। ज्वाइंट सीपी ने बताया कि इन सभी केसों की फाइल खोली जाएंगी। इनमें साक्ष्य पाए जाएंगे उनमें कार्रवाई होगी।