चित्रकूट जिले में फर्जी आबकारी अधिकारी बनकर वसूली करने वाली महिला समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से फर्जी आईडी, मोबाइल व नगदी बरामद हुई है। तीनों रायबरेली, बस्ती व लखनऊ निवासी हैं। कई दिनों से जिले में फर्जी आबकारी अधिकारी बनकर वसूली करने की शिकायत पर पुलिस की खोजबीन चल रही थी।
शिवरामपुर में रहने वाले शराब कारोबारी राघवेंद्र सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि एक महिला समेत तीन लोग आबकारी अधिकारी बनकर उससे रुपयों की मांग की है। रुपये न देने पर छह साल के लिए जेल भेजने की धमकी दी है। उसने पता लगाया कि जिला आबकारी विभाग से कोई टीम नहीं भेजी गई थी। इसी आधार पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
कोतवाल अजीत पांडेय ने बताया कि खोही पुलिस चौकी के प्रभारी प्रवीण सिंह के साथ टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। बुधवार की शाम को रायबरेली निवासी कृष्णकुमार सिंह, बस्ती निवासी मो. आसिर व गाजीपुर हाल मुकाम लखनऊ निवासी रंजना विश्वकर्मा को एक शराब की दुकान के पास जाते समय पकड़ लिया गया। तीनों फर्जी आईडी बनाकर आबकारी अधिकारी बनकर वसूली करते थे। तीनों को जेल भेज दिया गया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
कोतवाल ने बताया कि तीनों आरोपी मौका लगाकर खुद को पत्रकार भी बताते थे। इनके कब्जे से कई यूटयूब व पोर्टल की आईडी व परिचय पत्र बरामद हुआ है। इनसे पूछताछ की जा रही है। तीनों मौका लगाकर आबकारी अधिकारी व पत्रकार बन जाते थे।