कानपुर ऑफ्थेल्मिक सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएन कुशवाहा ने बताया कि सीवियर ड्राई आई होने पर कार्निया खराब होने का खतरा रहता है। अस्पतालों की ओपीडी में आंख की अल्सर के रोगी भी आ रहे हैं। सीनियर आई सर्जन डॉ. अवध दुबे ने बताया कि स्मॉग अधिक खतरनाक होता है।
इसमें धूल-धुआं के कणों के अलावा और भी जहरीले तत्व होते हैं। उनके आंखों में जाने से नुकसान होता है। बारीक कण जब आंखों में जाते हैं तो उससे धुंधलापन लगने लगता है। साथ ही ड्राई आई की भी दिक्कत बढ़ जाती है। इसमें एहतियात की जरूरत होती है।
प्रदूषण के कारण इस दिनों एलर्जिक कंजेक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। आंखों में लाली के साथ दर्द और जलन की समस्या ज्यादा है। इन्हें एस्टेरॉयड देना पड़ता है। कुछ ठीक होने के बाद रीलैप्स कर जा रहे हैं। - डॉ. परवेज खान, नेत्ररोग विभागाध्यक्ष जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज