पीएम मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर
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मुझे यह देखकर काफी गर्व हो रहा है की आईआईटी कानपुर भविष्य के शोध का गढ़ बन चुका है। कोरोना काल में की गई रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप, इसका बेहतरीन उदाहरण है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की दिशा में किया जा रहा कार्य प्रशंसनीय है।
उनके द्वारा तैयार किए गए प्रोफेशनल स्टार्टअप युवा शक्ति को आगे बढ़ाएंगे यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों के निदेशकों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहीं। इस कांफ्रेंसिंग में आईआईटी कानपुर, मद्रास , बॉम्बे के अलावा कुछ अन्य तकनीकी व प्रौद्योगिकी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
नवनियुक्त शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी इसमें शामिल हुए। आईआईटी कानपुर के निदेशक अभय करंदीकर ने आनेवाले स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी की योजना सहित आईआईटी कानपुर के अनुसंधान और नवाचार और भविष्य के रोड मैप को प्रधानमंत्री के सामने पेश किया।
प्रो. करंदीकर ने आईआईटी कानपुर में बहुविषयक अनुसंधान रोबोटिक्स, ड्रोन, ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकियों, वायु गुणवत्ता की निगरानी, ऑनलाइन शिक्षा, स्वदेशी ऑक्सीजन सांद्रक, ऑक्सीजन जनरेटर, कैंसर सेल थेरेपी, मॉड्यूलर अस्पताल, हॉटस्पॉट भविष्यवाणी, वेंटिलेटर उत्पादन को साझा किया।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से खास तौर पर आईआईटी कानपुर का नाम लेते हुए कहा कि, आईआईटी कानपुर के शोध की चर्चा दुनिया में है। भारत की युवा शक्ति इससे काफी मजबूत होगी। मोदी ने स्कूल ऑफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के लिए हर संभव मदद देने की बात कही।