आजादी के आंदोलन के अनछुए पहलुओं को अपने लेख से उजागर करने वाली आठवीं की छात्रा काव्या ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे मेल कर तारीफ की है। 12 साल की काव्या ने ऑनलाइन हुई इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है। कुल 75 ऐसे प्रतिभागियों का चयन हुआ है, जिनके लेखों में आजादी से जुड़े आंदोलनों की नई जानकारियां सामने आई हैं।
काव्या ने अपने लेख में घाटमपुर क्षेत्र के एक ऐसे मंदिर का जिक्र किया है, जहां आजादी से ठीक एक दिन पहले अंग्रेजों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद इन सभी अंग्रेजों को मार गिराया गया था। भारत सरकार व एनबीटी (नेशनल बुक्स ट्रस्ट) ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर अमृत महोत्सव मनाया है। इसमें 30 वर्ष तक की आयु के लेखकों के लिए ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता कराई गई।
इसमें आजादी के आंदोलनों के ऐसे स्थान और व्यक्ति के बारे में लेख लिखना था, जिसके बारे में लोग न जानते हों और इसकी जानकारी इंटरनेट पर भी न हो। इस प्रतियोगिता में विदेश में रहने वाले भारतीयों को भी शामिल होने का मौका दिया गया। 75वें स्वतंत्रता दिवस होने की वजह से 75 प्रतिभागियों को चुना गया है, जो अनछुए पहलुओं को उजागर करने में कामयाब रहे।