इन बच्चों के खातों में 18 साल तक साल दर साल रकम डाली जाएगी। इसके बाद 18 साल की उम्र में इस राशि का किसी जगह निवेश कर दिया जाएगा। इसके बाद उस निवेश से आने वाले ब्याज को हर महीने बच्चे के खाते में डाला जाएगा,ताकि वह अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सके। इसके बाद 23 साल का होने पर उसके खाते में दस लाख रुपये ट्रांसफर हो जाएंगे, जिन्हें वह अपने लिए इस्तेमाल कर सकेगा।
चुने गए 22 बच्चों में 16 भाई बहन
जिले के जिन 22 बच्चों को अपने माता-पिता खोने की वजह से वित्तीय सहयोग के लिए पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना में तहत चुना गया है। इनमें 16 भाई बहन हैं। ये वह बच्चे हैं, जिन्होंने कोविड के दौरान अपने माता पिता को खो दिया। इन 16 के अलावा 6 अन्य बच्चे भी है, जिनका नाम इस योजना के तहत चुना गया है। 22 में एक बच्ची 18 साल की हो चुकी है, ऐसे में उसे हर महीने वित्तीय सहायता के तौर पर निर्धारित राशि दी जाएगी।
ये मिलेंगे लाभ
निशुल्क स्कूली शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण की सहायता जिसका ब्याज पीएम केयर्स से अदा किया जाएगा। 23 साल की उम्र तक आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा का लाभ, जिसके प्रीमियम का भुगतान पीएम केयर्स से होगा। व्यक्तिगत जरूरतों के लिए 18 आयु पूरी करने पर मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी। कक्षा 1 से 12 के बच्चों के लिए 20 हजार रुपये प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। साथ ही, कौशल प्रशिक्षण के लिए कर्मा छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षा के लिए स्वानाथ छात्रवृत्ति, 50 हजार की अनुग्रह राशि आदि लाभ भी मिलेंगे।