बिना छत के जीवन यापन कर रहे हैं 310 लाभार्थी
वहीं, केवल 17 लोगों को तीसरी किस्त जारी हुई। बजट के अभाव के कारण जिले के करीब 310 लाभार्थी बिना छत के जीवन यापन कर रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी आवास कैसे पूर्ण होंगे, यह अधिकारियों के लिए भी चुनौती पूर्ण होगा।
50 लोगों ने अपने पैसों से पूरा कराया निर्माण
तीसरी किस्त न मिलने पर करीब 50 लोगों ने जैसे तैसे इंतजाम कर खुद के पैसों से घर का निर्माण करवा लिया। इसमें 17 लोगों को तो तीसरी किस्त का पैसा मिल गया, लेकिन 33 लोग सचिव और विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
केस: एक
घाटमपुर ब्लॉक के रहने वाले कमल सिंह पुत्र रामपाल को 2022 में आवास का पैसा मिला था। दो किस्तें तो मिल गईं लेकिन तीसरी किस्त आज तक नहीं मिली। इस कारण आज तक छत नहीं पड़ सकी। तिरपाल तानकर किसी तरह दिन गुजार रहे हैं।
केस: दो
घाटमपुर ब्लॉक की रहने वाली राम कुमारी को पीएम आवास की पहली किस्त 40 हजार रुपये सितंबर में जारी हो गई थी। दीवारें तो खड़ी कर लीं लेकिन दूसरी और तीसरी किस्त न मिलने के कारण मकान की छत नहीं पड़ सकी। कड़ाके की सर्दी आग तापते गुजर रही है।
कई लोगों ने लापरवाही के चलते आवास का निर्माण शुरू नहीं कराया है। ऐसे लोगों को नोटिस जारी किया गया है। बजट का भी अभाव है। जारी होते ही लाभार्थियों को दूसरी और तीसरी किस्त जारी कर दी जाएगी। -केके सिंह, परियोजना निदेशक