इसके बाद डीजीजीआई ने जीएसटी चोरी और डीआरआई ने सोना तस्करी मामले में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे। दोनों में चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। डीआरआई के मुकदमे में पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन डीजीजीआई के मुकदमे में जमानत न मिलने के कारण पीयूष की जेल से रिहाई नहीं हो सकी थी। दोनों मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मिलने और निचली अदालत में जमानतें दाखिल हो जाने के बाद बुधवार को पीयूष का रिहाई परवाना कोर्ट से जारी हो गया था लेकिन रिहाई परवाने में थाना काकादेव लिख गया था जबकि पीयूष की गिरफ्तारी डीजीजीआई अहमदाबाद की ओर से दिखाई गई थी। इसी तकनीकी खामी के चलते बुधवार को पीयूष की रिहाई नहीं हो सकी थी।