पूर्व बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
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पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपी सिपाही श्याम सुशील मिश्रा को हाईकोर्ट से मिली जमानत खारिज कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना समेत तीन जजों की बेंच ने अपील पर सुनवाई की। सिपाही और उत्तर प्रदेश सरकार को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
कानपुर में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शक्ति पांडे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पक्ष रखा। अपील में कहा कि पिंटू की हत्या के लिए पहले सिपाही श्याम सुशील ने ही मुख्य अभियुक्त पप्पू स्मार्ट से सुपारी ली थी, लेकिन हत्याकांड को अंजाम न दे पाने के कारण बाद में हैदर नाम के बदमाश को 40 लाख रुपये में सुपारी दी गई।
षड्यंत्र के तहत 20 जून 2020 को जेके कॉलोनी में दिनदहाड़े शूटरों ने गोलियां बरसाकर पिंटू की हत्या कर दी। सत्र न्यायालय से उसकी जमानत खारिज होने के बाद पिछले दिनों हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। अधिवक्ता ने तर्क रखा कि सिपाही श्याम सुशील दबंग है। जमानत पर बाहर आने के बाद वह एफआईआर दर्ज कराने वाले पिंटू के भाई धर्मेंद्र सेंगर, उसके परिजनों, मुकदमे के गवाहों को धमका सकता है।