नवाबगंज थाने में जून 2019 वरुण नाम के शख्स ने नौकरी के नाम पर हुई पांच लाख की ठगी का मामला दर्ज कराया था। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि आरोपी ने बैंक खातों में रकम जमा कराई थी।
कानपुर क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले सुलतानपुर निवासी शिवपूजन को गिरफ्तार किया। आरोपी खुद को सचिवालय का अधिकारी बताता था। आरोपी 34 लोगों से 2 करोड़ तक की ठगी कर चुका है।
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पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। गिरोह में एक महिला भी शामिल है, जिसकी तलाश की जा रही है। नवाबगंज थाने में जून 2019 वरुण नाम के शख्स ने नौकरी के नाम पर हुई पांच लाख की ठगी का मामला दर्ज कराया था। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि आरोपी ने बैंक खातों में रकम जमा कराई थी।
खातों और मोबाइल नंबरों को जब ट्रेस किया गया तो सुलतानपुर निवासी शिवपूजन को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खाते खंगाले गए तो पता चला कि वह 34 लोगों को ठग चुका है। दो करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन उसके खातों में हो चुके हैं।
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फेसबुक पर दोस्ती फिर ठगी
आरोपी शिवपूजन फेसबुक के जरिए शिकार तलाशता था, पहले दोस्ती करता था फिर खुद को सचिवालय का अधिकारी बताकर नौकरी का लालच देता था। उसने शिवाजी राव और अनुराग ठाकुर के नाम से भी फर्जी आईडी बना रखी थी।
सुलतानपुर के ही 17 लोग बने शिकार
जांच में पता चला कि शिकार बनाए गए 34 में से 17 लोग सुलतानपुर के ही हैं। गोंडा, प्रयागराज, जौनपुर के दो-दो, इटावा व कानपुर के एक के अलावा अन्य मध्य प्रदेश व दिल्ली के पीड़ित हैं। आरोपी कई सालों से ठगी कर रहा है।