कंपाउंड कारोबारी के यहां मिली नकदी और सोना काले धन की श्रेणी में है। इसलिए 107 फीसदी टैक्स और पेनाल्टी लगना तय है। पीयूष के घर मिला सोना तस्करी का और विदेशी है। खरीदने वालों की भी जांच की जाएगी।
कंपाउंड कारोबारी पीयूष जैन को तस्करी का सोना खरीदने के मामले में सजा भी हो सकती है। डीआरआई ने मामले में पुख्ता सुबूत जुटाएं हैं। पीयूष के घर से मिला सोना विदेशी है। इसकी जांच सेंट्रल रेवेन्यू कंट्रोल लेबोरेट्री (सीआरसीएल) नई दिल्ली से कराई गई। जांच में बरामद सोना 99.86 फीसदी तक शुद्ध पाया गया है। इस तरह का सोना केवल विदेश में ही मिलता है।
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पीयूष ने पूछताछ में कैलाश नाम के व्यक्ति से सोना खरीदने का जिक्र किया है। अब इस व्यक्ति से पूछताछ की जा सकती है। वहीं पीयूष के घर से मिले 197 करोड़ रुपये भी काले धन की श्रेणी में है। 107 फीसदी टैक्स और पेनाल्टी लगना तय है। ऐसे में उसके कुल 208 करोड़ तो सरकारी खजाने में जाएंगे। उसे अलग से 16 करोड़ चुकाने होंगे।
सूत्रों ने बताया कि डीजीजीआई (महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस) ने 22 दिसंबर को शिखर पान मसाला, गणपति रोड कैरियर्स और पीयूष जैन के यहां एक साथ छापा मारा था। इसमें पीयूष के आनंदपुरी स्थित आवास से 177.45 करोड़ और कन्नौज स्थित आवास से 19 करोड़ समेत 196.45 करोड़ नकद मिला था। इसके अलावा 23 किलो सोने की सिल्ली मिली थी।
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इसकी जांच अलग से डीआरआई ने की थी। जांच के बाद चार सौ पेज की चार्ज शीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। इसमें पीयूष को सोना तस्करी का भी आरोपी बनाया गया है। सूत्रों ने बताया कि डीजीजीआई ने आयकर विभाग को मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। आयकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
इसी सप्ताह जेल में बंद पीयूष से आयकर अफसर पूछताछ कर सकते हैं। आय के श्रोत की जानकारी जुटाई जाएगी। हालांकि, पीयूष के पास से बरामद 196.45 करोड़ की नकदी और 23 किलो सोना काला धन माना जाएगा। ऐसे में उस पर 107 फीसदी टैक्स और पेनाल्टी लगेगी।
सोने की कीमत भी 12 करोड़ के करीब है। ऐसे में करीब 208 करोड़ तो सरकारी खजाने में चले जाएंगे। 14-16 करोड़ रुपये उसे अलग से देने होंगे। उसने स्वीकारा था कि उसके पास से बरामद रकम जीएसटी चोरी की है। इसलिए टैक्स और पेनाल्टी सहित 52 करोड़ रुपये काटकर शेष राशि लौटा दी जाए।
कितने वर्ष में कर ली इतनी कमाई
सूत्रों ने बताया कि पीयूष की कंपनी का टर्नओवर सात करोड़ के करीब था। उसके पास से इतना कच्चा माल भी बरामद नहीं हुआ है कि अरबों की रकम कमाई जा सके। ऐसे में आयकर विभाग आय के श्रोतों पर ही जानकारी जुटाएगा। इस थ्योरी पर भी काम होगा कि किसी और का धन तो नहीं है। हालांकि पूछताछ में अब तक किसी का नाम नहीं लिया है। लेकिन इससे जुड़े रहे लोग भी आयकर के रडार पर हैं। इसमें कंपाउंड खरीदने वाले बड़े पान मसाला कारोबारी भी शामिल हैं।
परिवार में किसी का पासपोर्ट तक नहीं
सूत्रों ने बताया कि पीयूष जैन, उसकी पत्नी कल्पना जैन और दोनों बेटों का पासपोर्ट तक नहीं है। इसके अलावा उसके भाई अंबरीष जैन, उसकी पत्नी विजय लक्ष्मी तक के पास भी पासपोर्ट नहीं है। पीयूष के पिता महेश चंद्र जैन 80 के दशक में मिडिल ईस्ट में कई सालों तक रहे। हालांकि उनकी उम्र अब 82 के करीब है। वहीं बताया गया कि पीयूष की कानपुर और कन्नौज में कई संपत्ति पता चली हैं। इसमें कई प्लाट और खेत शामिल हैं। हालांकि इसकी खरीद 2012 के पहले की है। ऐसे में इसकी जांच नहीं की जा रही है।
तस्करी मामले में सात साल तक की सजा का प्रावधान
बताया गया कि डीआरआई ने कस्टम एक्ट की धारा 135 के तहत चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सात साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। डीआरआई ने चार्जशीट में कहा है कि यह सिर्फ राजस्व हानि का मामला नहीं है बल्कि पीयूष ने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में आर्थिक अपराधी भी हो सकता है।