बढ़ते डिजिटल लेनदेन के बीच शहर के लोगों ने सोना खरीद का भी तरीका बदला है। निवेश को सुरक्षित करने के लिए डिजिटल सोना खरीदा जा रहा है। इसमें न तो सोना चोरी होने का डर रहता है और न ही खोने की चिंता। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक सॉवरेन गोल्ड बांड में 80 करोड़ और गोल्ड ईटीएफ में 25 करोड़ का सोना खरीदा गया।
वहीं गोल्ड ईटीएफ में निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश देश में आठवें स्थान पर है। सॉवरेन गोल्ड बांड सरकारी प्रतिभूतियां होती हैं। जो सोने के प्रति-ग्राम बाजार मूल्य के बराबर बांड के रूप में जारी की जाती हैं। इनका स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार किया जा सकता है। इनकी परिपक्वता अवधि आठ साल है और पांच साल बाद बाहर निकलने का विकल्प होता है।
इन बांड्स पर 2.50 प्रतिशत का निश्चित ब्याज मिलता है, जो छमाही दिया जाता है। इनमें निवेश सीमा (रिटेल निवेशक एवं एचयूएफ के लिए) न्यूनतम एक ग्राम और अधिकतम चार किलोग्राम तक है।
केश्री वेल्थ क्यूरेटर के कोफाउंडर राजीव सिंह ने बताया कि भैतिक रूप में लोग सोना खरीदना पसंद करते हैं लेकिन डिजिटल प्लेटफार्म के जरिये भी लोग तेजी से निवेश करने लगे हैं, जो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत भी है। कोविड के बाद से इसमें निवेश बढ़ता ही जा रहा है। इसका असर सोने के आयात पर भी देखा जा सकता है। गोल्ड बांड का मूल्य बढ़ता ही जा रहा है।
सॉवरेन गोल्ड बांड बढ़ता निवेश (करोड़ में)
2018-19 2.5
2019-20 9.27
2020-21 72.22
2021-22 58.46
2022-23 32.75
2023-24 80.63
गोल्ड ईटीएफ में बढ़ता निवेश (करोड़ में)
2018-19 10.63
2019-20 11.97
2020-21 17.74
2021-22 21.01
2022-23 24.06
2023-24 25.01
देश में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड करोड़ में
महाराष्ट्र 17305.43
कर्नाटक 894.45
तमिलनाडु 735
दिल्ली 403.53
गुजरात 316.96
पश्चिम बंगाल 255.77
तेलंगाना 247.84
उत्तर प्रदेश 227.33
हरियाणा 131.69
गोवा 122.5
शहर में हर दिन बिकता है 50 किलो सोना और दो हजार किलो चांदी
हालांकि भौतिक रूप से सोना खरीदना अभी भी शहरियों की पसंद है। प्रतिदिन 50 किलो सोना के गहने और बुलियन की बिक्री होती है। चांदी की दो हजार किलो की बिक्री रोजाना की है।