नहीं उपलब्ध रहती हैं न्यूरो मसकुलर डिवाइस
इन दोनों के डाटा का अध्ययन करके ये मानक बनाए गए हैं। इन मानक के आधार पर न्यूरो मसकुलर मॉनीटरिंग डिवाइस की सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। इन मानकों का लाभ छोटे स्तर के अस्पताल उठा सकते हैं, जहां न्यूरो मसकुलर डिवाइस उपलब्ध नहीं रहती।
दवा की खुराक और अंतराल को लेकर तैयार किए गए हैं मानक
विभागाध्यक्ष डॉ. वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान रोगी की मॉनीटरिंग की जाती है कि उसे बीच में ही होश न आ जाए। इसके साथ ही मांसपेशियों को शिथिल रखा जाता है। सर्जरी में एनेस्थीसिया की खुराक और समय का अंतराल महत्वपूर्ण होता है। दवा की खुराक और अंतराल को लेकर मानक तैयार किए गए हैं।