फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: ऑपरेशन में बेहोशी की नई विधि से सुरक्षित रहेंगे रोगी, जीएसवीएम के एनेस्थीसिया विभाग ने तैयार किए मानक

Thu, 01 Aug 2024 11:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: विभागाध्यक्ष डॉ. वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान रोगी की मॉनीटरिंग की जाती है कि उसे बीच में ही होश न आ जाए। इसके साथ ही मांसपेशियों को शिथिल रखा जाता है। सर्जरी में एनेस्थीसिया की खुराक और समय का अंतराल महत्वपूर्ण होता है। दवा की खुराक और अंतराल को लेकर मानक तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑपरेशन में रोगी को कब-कब और कितनी बेहोशी की दवा दी जानी है, इसके मानक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग ने तैयार किए हैं। इस विधि के अपनाने से फायदा यह होगा कि रोगी सर्जरी के दौरान किसी जटिलता से सुरक्षित रहेंगे। साथ ही मानकों का पालन करके छोटे अस्पतालों में भी सुरक्षित सर्जरी की जा सकती है।

विज्ञापन

एनेस्थीसिया विभाग के इस शोध को 14 जुलाई को शहर में हुई एनेस्थीसिया की नेशनल कॉन्फ्रेंस में पहला पुरस्कार मिला है। इन मानकों का इस्तेमाल मस्तिष्क और पेट के ऑपरेशन में अधिक महत्वपूर्ण है। मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल वर्मा और डॉ. नेहा मिश्रा की अगुवाई में यह शोध डॉ. सानिका शुक्ला ने किया है।
यह अध्ययन 20 रोगियों पर किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. वर्मा ने बताया कि सर्जरी के दौरान न्यूरो मसकुलर मॉनीटरिंग डिवाइस का इस्तेमाल होता है, लेकिन यह बहुत महंगी डिवाइस होती। यह हर जगह उपलब्ध नहीं होती है। इसके अलावा आमतौर पर ईटीसीओ-2 तरीका अपनाया जाता है। इसमें अंदाज से रोगी की स्थिति देखकर खुराक दी जाती है।

विज्ञापन

नहीं उपलब्ध रहती हैं न्यूरो मसकुलर डिवाइस
इन दोनों के डाटा का अध्ययन करके ये मानक बनाए गए हैं। इन मानक के आधार पर न्यूरो मसकुलर मॉनीटरिंग डिवाइस की सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। इन मानकों का लाभ छोटे स्तर के अस्पताल उठा सकते हैं, जहां न्यूरो मसकुलर डिवाइस उपलब्ध नहीं रहती।
विज्ञापन

दवा की खुराक और अंतराल को लेकर तैयार किए गए हैं मानक
विभागाध्यक्ष डॉ. वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान रोगी की मॉनीटरिंग की जाती है कि उसे बीच में ही होश न आ जाए। इसके साथ ही मांसपेशियों को शिथिल रखा जाता है। सर्जरी में एनेस्थीसिया की खुराक और समय का अंतराल महत्वपूर्ण होता है। दवा की खुराक और अंतराल को लेकर मानक तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें