हैलट अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दरअसल, कई दिनों से अस्पताल में पैथोलॉजिकल जांचें ठप हैं, जिससे गुर्दा, लिवर, खून में ऑक्सीजन की समेत जरूरी टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
कानपुर के हैलट अस्पताल में रोगियों की पैथोलॉजिकल जांचें बंद हो गई हैं। रसायन खत्म होने की वजह से अस्पताल की पैथोलॉजी और इमरजेंसी में रोगियों की कोई जांच नहीं हो पाई। जांचें न होने से रोगियों और उनके तीमारदारों को कार्डियोलॉजी भेजा गया। इससे वहां लंबी लाइनें लग गईं। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुमनलता वर्मा ने बताया कि रसायन खत्म होने से जांचें प्रभावित हुई हैं। बजट पास होते ही रसायन मंगाकर जांचें शुरू कर दी जाएंगी।
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हैलट में रसायन की कमी दो-तीन दिन पहले से बनी हुई थी। मंगलवार दोपहर को पैथोलॉजी में रसायन बिल्कुल खत्म हो गया। इमरजेंसी में गंभीर रोगियों के आने पर एबीजी समेत कई जांचें तुरंत की जाती हैं। ऐसे में तीमारदारों को कार्डियोलॉजी भेजा गया जिससे जल्दी से जांचें हो जाएं। शाम को वहां सैंपल लिए रोगियों और उनके तीमारदारों की लंबी लाइन लग रही।
खून में आक्सीजन की जांच एबीजी, सीबीसी, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, एबीजी, हेमोटोलॉजी,आरबीएस कोई भी जांच नहीं हो पाई। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुमनलता वर्मा ने बताया कि रसायन की व्यवस्था की कोशिश की जा रही है।
निजी पैथोलॉजियों के एजेंटों ने लिए सैंपल
हैलट की पैथोलॉजी में जांच बंद होने पर निजी पैथोलॉजियों के एजेंट सक्रिय हो गए। ओपीडी के रोगियों को अपने साथ ले गए। चौगुना दामों पर रोगियों की जांच की। वार्डों में भी एजेंट सक्रिय रहे।